{"_id":"59fa04634f1c1bce538ba616","slug":"121509557347-mandi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गृहमंत्री से हर जिले में सीजीएचएस खोलने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गृहमंत्री से हर जिले में सीजीएचएस खोलने की मांग
Updated Wed, 01 Nov 2017 11:10 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडी। सरहदों की रक्षा के लिए अपनी जवानी बीता देने वाले अर्द्धसैनिक बल के जवानों और परिजनों को तेल, साबुन के लिए भी लड़ाई लड़नी पड़ रही है। हद इस बात की है कि आर्मी की कैंटीन में अर्द्धसैनिकों को सीएसडी कैंटीनों में अभी तक सिफारिश पर ही तेल, साबुन मिलता है। इस वर्ग को यह मालूम नहीं होता है कि कब उन्हें कैंटीन में सामान मिलेगा।
शिमला जाएं तो यहां पर राज्य कल्याण अधिकारी के बोल होते है कि हम हैं तो तेल साबुन मिल रहा है, आने वाला शायद देगा अथवा नहीं। जिलास्तर पर भी यही हाल है। इस वर्ग के लिए पॉलिसी न बनने से अर्द्धसैनिक अकसर सीएसडी कैंटीन में यही ताने सुनते हैं। अर्द्धसैनिक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने अपना दर्द कुछ इस तरह देश के गृह मंत्री राजनाथ सिंह के समक्ष बयां किया। एसोसिएशन के राज्य संयोजक भूप सिंह सकलानी की अध्यक्षता में पूर्व अर्द्धसैनिकों ने गृहमंत्री को लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से पूर्व अर्द्धसैनिकों ने हेल्थ कार्ड के बढ़े हुए दाम वापस लेने, हर जिलास्तर पर सीजीएचएस खोलने, सूबे में हेल्थ कार्ड बनाने की सुविधा देने, सीएसडी कैंटीन में हर माह सामान मुहैया करवाने, वन रेंक वन पेंशन लागू करने, सिविल सर्विस रूल को खत्म कर अलग से रूल बनाने की मांग उठाई है। संयोजक भूप सिंह सकलानी ने कहा कि अर्द्धसैनिकों को तेल, साबुन के लिए भी सिफारिश के सहारे रहना पड़ता है। हालात यह है कि हेल्थ कार्ड के दामों को केंद्र सरकार ने दोगुना कर दिया है। यह कहां का न्याय है। प्रदेश में हेल्थ कार्ड तक बनाने की सुविधा नहीं है। जिस पर गृह मंत्री ने मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। सम्मेलन में कमांडेंट चेतराम शर्मा (सेवानिवृत्त), सहायक कमांडेंट तारा सिंह, निरीक्षण चुनी लाल, लच्छू राम, भगत राम, हेतराम, रतन सिंह ठाकुर, अभी चंद ठाकुर, प्रीतम आजाद सहित कई अर्द्धसैनिक उपस्थित रहे।
विज्ञापन
शिमला जाएं तो यहां पर राज्य कल्याण अधिकारी के बोल होते है कि हम हैं तो तेल साबुन मिल रहा है, आने वाला शायद देगा अथवा नहीं। जिलास्तर पर भी यही हाल है। इस वर्ग के लिए पॉलिसी न बनने से अर्द्धसैनिक अकसर सीएसडी कैंटीन में यही ताने सुनते हैं। अर्द्धसैनिक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने अपना दर्द कुछ इस तरह देश के गृह मंत्री राजनाथ सिंह के समक्ष बयां किया। एसोसिएशन के राज्य संयोजक भूप सिंह सकलानी की अध्यक्षता में पूर्व अर्द्धसैनिकों ने गृहमंत्री को लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से पूर्व अर्द्धसैनिकों ने हेल्थ कार्ड के बढ़े हुए दाम वापस लेने, हर जिलास्तर पर सीजीएचएस खोलने, सूबे में हेल्थ कार्ड बनाने की सुविधा देने, सीएसडी कैंटीन में हर माह सामान मुहैया करवाने, वन रेंक वन पेंशन लागू करने, सिविल सर्विस रूल को खत्म कर अलग से रूल बनाने की मांग उठाई है। संयोजक भूप सिंह सकलानी ने कहा कि अर्द्धसैनिकों को तेल, साबुन के लिए भी सिफारिश के सहारे रहना पड़ता है। हालात यह है कि हेल्थ कार्ड के दामों को केंद्र सरकार ने दोगुना कर दिया है। यह कहां का न्याय है। प्रदेश में हेल्थ कार्ड तक बनाने की सुविधा नहीं है। जिस पर गृह मंत्री ने मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। सम्मेलन में कमांडेंट चेतराम शर्मा (सेवानिवृत्त), सहायक कमांडेंट तारा सिंह, निरीक्षण चुनी लाल, लच्छू राम, भगत राम, हेतराम, रतन सिंह ठाकुर, अभी चंद ठाकुर, प्रीतम आजाद सहित कई अर्द्धसैनिक उपस्थित रहे।
विज्ञापन