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चारपाले शैली में मूल मांहूनाग बुखारी रहे प्रथम
Updated Sat, 24 Mar 2018 06:51 PM IST
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घूंघट शैली स्पर्धा में शीतला माता चांबी प्रथम
देवता मेले में देवसज्जा प्रतियोगिता करवाई
अमर उजाला ब्यूरो
सुंदरनगर (मंडी)।
सुंदरनगर के देवता मेले में शनिवार को देवसज्जा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें विधायक राकेश जम्वाल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। मेला में पहली बार देव सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें देवताओं के चारपाले, थोट पाग, छत्र और घूंघट और मंडप शैली पर स्पर्धा की गई। इसमें करीब एक सौ देवी-देवता शामिल हुए। स्पर्धा में शैली के आधार पर प्रथम, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे देवी देवताओं को सम्मानित किया गया है। प्रतियोगिता में चारपाले शैली में मूल माहूंनाग बुखारी करसोग को प्रथम स्थान, देव श्री बाला टिक्का शिली लटोगली को द्वितीय और देव वासुकी नाग दोहर कपाही को तृतीय स्थान मिला। थोट पाग शैली में बाला टीका हलेल को प्रथम, सतवाडा देव बाला कामेश्वर छज्वार मलोह को द्वितीय तथा देव बाला कामेश्वर राजगढ़ बल्ह को तृतीय पुरस्कार दिया गया। छत्र शैली में देव बड़े योगी योगी प्रथम, मूल माहूंनाग ओढ़की को द्वितीय और देवी माता नारदा शारदा को तीसरा स्थान मिला। घूंघट शैली की श्रेणी में शीतला माता चांबी को प्रथम, संतोषी माता लोअर चौक कठवाड़ा को दूसरा स्थान और नैना उग्रतारा देवी नेरचौक को तीसरा स्थान हासिल हुआ। मंडप शैली में देव कमरूनाग बाड़ा देव मानगढ़ रोहांडा प्रथम, माता कामाक्षा देवी दूसरे स्थान पर और देव मूल शनि देव तृतीय स्थान पर रहें।
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देवता मेले में देवसज्जा प्रतियोगिता करवाई
अमर उजाला ब्यूरो
सुंदरनगर (मंडी)।
सुंदरनगर के देवता मेले में शनिवार को देवसज्जा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें विधायक राकेश जम्वाल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। मेला में पहली बार देव सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें देवताओं के चारपाले, थोट पाग, छत्र और घूंघट और मंडप शैली पर स्पर्धा की गई। इसमें करीब एक सौ देवी-देवता शामिल हुए। स्पर्धा में शैली के आधार पर प्रथम, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे देवी देवताओं को सम्मानित किया गया है। प्रतियोगिता में चारपाले शैली में मूल माहूंनाग बुखारी करसोग को प्रथम स्थान, देव श्री बाला टिक्का शिली लटोगली को द्वितीय और देव वासुकी नाग दोहर कपाही को तृतीय स्थान मिला। थोट पाग शैली में बाला टीका हलेल को प्रथम, सतवाडा देव बाला कामेश्वर छज्वार मलोह को द्वितीय तथा देव बाला कामेश्वर राजगढ़ बल्ह को तृतीय पुरस्कार दिया गया। छत्र शैली में देव बड़े योगी योगी प्रथम, मूल माहूंनाग ओढ़की को द्वितीय और देवी माता नारदा शारदा को तीसरा स्थान मिला। घूंघट शैली की श्रेणी में शीतला माता चांबी को प्रथम, संतोषी माता लोअर चौक कठवाड़ा को दूसरा स्थान और नैना उग्रतारा देवी नेरचौक को तीसरा स्थान हासिल हुआ। मंडप शैली में देव कमरूनाग बाड़ा देव मानगढ़ रोहांडा प्रथम, माता कामाक्षा देवी दूसरे स्थान पर और देव मूल शनि देव तृतीय स्थान पर रहें।