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अनहोनी से बचाने को देव मार्कंडेय ऋषि ने 10 वर्ष बाद की परिक्रमा
Updated Mon, 04 Dec 2017 10:49 PM IST
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बालीचौकी (मंडी)। बालीचौकी क्षेत्र की देवधार पंचायत के कांडी खहल में पूरे सराज क्षेत्र में अनहोनी और बुरी शक्तियों तथा बीमारियों से बचाने के लिए देव मार्कंडेय ऋषि ने परिक्रमा की। अनहोनी की आशंका से देवता ने यह परिक्रमा की है। यह अनूठी परिक्रमा देव ने दस वर्ष पहले की थी। देव अपने पौराणिक स्थान कांडी में ही इस परिक्रमा को करते हैं। माना जाता है कि जब देवभूमि में किसी अनहोनी की आशंका होती है तो देव अपने पौराणिक स्थान पर परिक्रमा करते हैं। जबकि, यदि क्षेत्र में अनहोनी की आशंका हो तो देव पूरे क्षेत्र की परिक्रमा करते हैं।
दरअसल, देव मार्कंडेय ऋषि और देव चुंजबाला कांडी खहल नामक जगह पर एक देउली में शिरकत करने पहुंचे थे। यहीं पर ही मार्कंडेय ऋषि ने परिक्रमा करने का निर्णय लिया। हालांकि देव चुंजबाला का रथ यहां नहीं लाया गया था, उनका मुख ही देउली में लाया गया था। देव मार्कंडेय ऋषि के गूर जय देव, कारदार रतन दास, जीवन शर्मा, नीटू शर्मा, यशवंत शर्मा ने बताया कि जब पूरे प्रदेश में अनहोनी और बीमारियां फैलने की आशंका होती है तो देवता तब इस तरह की अनूठी परिक्रमा करते हैं।
आज तय होगी परिक्रमा की तिथि
बाली चौकी (मंडी)।
बालीचौकी क्षेत्र के साथ लगती ग्राम पंचायत पलाईच घाटी के आराध्य देवता ईश्वर महादेव अनहोनी और बुरी शक्तियों से बचाने के लिए क्षेत्र की परिक्रमा की तिथि बुधवार को तय करेंगे। देवता के गूर भाग सिंह ने कहा है कि देवता आज प्रतिष्ठा के लिए अपनी कोठी जम्मद से पलाईच आएंगे और वहीं पर क्षेत्र की परिक्रमा करने की तिथि भी तय करेंगे।
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दरअसल, देव मार्कंडेय ऋषि और देव चुंजबाला कांडी खहल नामक जगह पर एक देउली में शिरकत करने पहुंचे थे। यहीं पर ही मार्कंडेय ऋषि ने परिक्रमा करने का निर्णय लिया। हालांकि देव चुंजबाला का रथ यहां नहीं लाया गया था, उनका मुख ही देउली में लाया गया था। देव मार्कंडेय ऋषि के गूर जय देव, कारदार रतन दास, जीवन शर्मा, नीटू शर्मा, यशवंत शर्मा ने बताया कि जब पूरे प्रदेश में अनहोनी और बीमारियां फैलने की आशंका होती है तो देवता तब इस तरह की अनूठी परिक्रमा करते हैं।
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आज तय होगी परिक्रमा की तिथि
बाली चौकी (मंडी)।
बालीचौकी क्षेत्र के साथ लगती ग्राम पंचायत पलाईच घाटी के आराध्य देवता ईश्वर महादेव अनहोनी और बुरी शक्तियों से बचाने के लिए क्षेत्र की परिक्रमा की तिथि बुधवार को तय करेंगे। देवता के गूर भाग सिंह ने कहा है कि देवता आज प्रतिष्ठा के लिए अपनी कोठी जम्मद से पलाईच आएंगे और वहीं पर क्षेत्र की परिक्रमा करने की तिथि भी तय करेंगे।
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