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पेजयल समस्या दूर न हुई तो चुनावों का बहिष्कार
Updated Sun, 22 Oct 2017 10:53 PM IST
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धर्मपुर/सरकाघाट (मंडी)। धर्मपुर की लौंगणी पंचायत के हुक्कल गांव में ग्रामीण पानी की समस्या से कई सालों से जूझ रहे हैं। यहां तक कि बरसात में भी गांव में पेयजल किल्लत से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके चलते लोगों में विभाग व सरकार के प्रति भारी रोष है। यहां पर लोगों ने विस चुनावों के बहिष्कार का मन बना लिया है। लोगों ने प्रशासन को चेताया है कि यदि जल्द ही उनकी पेयजल समस्या का समाधान तो वह विस चुनावों को बहिष्कार करेंगे।
वार्ड सदस्य मीरा देवी, भीम सिंह, कृष्ण चंद, सुरेश कुमार, विपिन, रोहित, राकेश कुमार, विनोद कुमार, अनिल कुमार, विमला देवी, प्रिती, सपना आदि ने बताया कि 1982 में उठाऊ पेयजल परियोजना सज्याओपिपलू से इस गांव के लिए आधा इंच पाईप डाली थी और उस समय करीब चार या पांच नल ही लगे थे। अब 35 साल बीत जाने के बाद गांव में 30 परिवार हो गए हैं तथा इतने ही नल हो गए हैं, लेकिन पाइप आधा इंच ही है। इस पाइप से ग्रीमीणों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। लोगों का कहना है कि पानी की कमी पूरा करने के लिए उन्हें दूर-दूर से हैंडपंप या फिर बावड़ियों से पानी ढोना पड़ता है। लोगों को पीने के पानी के साथ ही घर के अन्य कार्यों के लिए भी पानी मीलों दूर से लाना पड़ता है। इस तरह उनका अधिकतर समय पानी के प्रबंध में ही बर्बाद हो रहा है। इसके चलते लोगों के अन्य काम भी प्रभावित होते हैं। लोगों का कहना है कि इस बारे में ग्रामीणों ने विभाग को कई बार अवगत करवाया लेकिन आज तक पानी की समस्या से उन्हें निजात दिलाने के लिए विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि अगर 15 दिन के अंदर ग्रामीणों को पानी की नियमित सप्लाई नहीं मिली तो वे इस बार चुनावों का बहिष्कार करेंगे।
उधर, सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग सरकाघाट के अधिशासी अभियंता एसके जसवाल नेे बताया कि इस गांव के लिए मोटी पाइप बिछाई जाएगी जिसके लिए विभाग ने काम अवार्ड कर दिया है। आचार संहिता हटने के बाद बड़ी पाइप बिछाने का काम शरू हो जाएगा।
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वार्ड सदस्य मीरा देवी, भीम सिंह, कृष्ण चंद, सुरेश कुमार, विपिन, रोहित, राकेश कुमार, विनोद कुमार, अनिल कुमार, विमला देवी, प्रिती, सपना आदि ने बताया कि 1982 में उठाऊ पेयजल परियोजना सज्याओपिपलू से इस गांव के लिए आधा इंच पाईप डाली थी और उस समय करीब चार या पांच नल ही लगे थे। अब 35 साल बीत जाने के बाद गांव में 30 परिवार हो गए हैं तथा इतने ही नल हो गए हैं, लेकिन पाइप आधा इंच ही है। इस पाइप से ग्रीमीणों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। लोगों का कहना है कि पानी की कमी पूरा करने के लिए उन्हें दूर-दूर से हैंडपंप या फिर बावड़ियों से पानी ढोना पड़ता है। लोगों को पीने के पानी के साथ ही घर के अन्य कार्यों के लिए भी पानी मीलों दूर से लाना पड़ता है। इस तरह उनका अधिकतर समय पानी के प्रबंध में ही बर्बाद हो रहा है। इसके चलते लोगों के अन्य काम भी प्रभावित होते हैं। लोगों का कहना है कि इस बारे में ग्रामीणों ने विभाग को कई बार अवगत करवाया लेकिन आज तक पानी की समस्या से उन्हें निजात दिलाने के लिए विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि अगर 15 दिन के अंदर ग्रामीणों को पानी की नियमित सप्लाई नहीं मिली तो वे इस बार चुनावों का बहिष्कार करेंगे।
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उधर, सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग सरकाघाट के अधिशासी अभियंता एसके जसवाल नेे बताया कि इस गांव के लिए मोटी पाइप बिछाई जाएगी जिसके लिए विभाग ने काम अवार्ड कर दिया है। आचार संहिता हटने के बाद बड़ी पाइप बिछाने का काम शरू हो जाएगा।
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