{"_id":"62aa0d4bdf3bbb58bb5366ff","slug":"younger-brother-s-paraglider-landing-successful-elder-lost-his-life-kullu-news-sml4122351155","type":"story","status":"publish","title_hn":"छोटे भाई की पैराग्लाइडर से लैंडिंग सफल, बड़े ने गंवाई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छोटे भाई की पैराग्लाइडर से लैंडिंग सफल, बड़े ने गंवाई जान
विज्ञापन
पैराग्लाइडिंग हादसे की रिपोर्ट बनाने में जुटे पुलिस कर्मी। -संवाद
- फोटो : Kullu
कुल्लू। पैराग्लाइडिंग हादसे से दो माताओं के आंचल सूने हो गए। डोभी में हुआ हादसा दो परिवारों को कभी न भूलने वाला जख्म दे गया।
डोभी के फ्लाइन में छोटे भाई की सफल लैडिंग के बाद ही बड़े भाई आदित्य की जान चली गई। डोभी से पायलट के उड़ान भरते ही कुछ देर बाद पैराग्लाइडर अनियंत्रित होकर हवा में लुढ़कते हुए जमीन पर जा गिरा। इससे हरियाणा के सैलानी के अलावा स्थानीय पायलट की भी मौत हो गई। आदित्य शर्मा परिजनों के साथ कुछ दिन पहले ही पर्यटन नगरी मनाली घूमने आए था।
पैराग्लाइडिंग करने के लिए परिवार बुधवार को डोभी आया, यहां पर आदित्य के भाई ने पहले आसमान में उड़ान भरी और सफल लैडिंग की। इसके बाद ही आदित्य ने भी पायलट के साथ उड़ान भरी और कुछ देर बाद पैराग्लाइडर अनियंत्रित होकर जमी पर जा गिरा।
हादसे के बाद दोनों के परिजन क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में रोते-बिलखते रहे। माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल है। बेटे की मौत के बाद आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।
विज्ञापन
यह हादसा दोनों मृतकों के परिजनों को ताउम्र का जख्म दे गया। ग्रामीण सैलानी और पायलट के परिजनों को ढांढस बांधते रहे। बता दें कि पिछले पांच साल में कुल्लू जिले में पैराग्लाइडिंग के दर्जनभर हादसे हो चुके हैं। इनमें आठ से दस लोगों की मौत हो गई।
विज्ञापन
डोभी के फ्लाइन में छोटे भाई की सफल लैडिंग के बाद ही बड़े भाई आदित्य की जान चली गई। डोभी से पायलट के उड़ान भरते ही कुछ देर बाद पैराग्लाइडर अनियंत्रित होकर हवा में लुढ़कते हुए जमीन पर जा गिरा। इससे हरियाणा के सैलानी के अलावा स्थानीय पायलट की भी मौत हो गई। आदित्य शर्मा परिजनों के साथ कुछ दिन पहले ही पर्यटन नगरी मनाली घूमने आए था।
पैराग्लाइडिंग करने के लिए परिवार बुधवार को डोभी आया, यहां पर आदित्य के भाई ने पहले आसमान में उड़ान भरी और सफल लैडिंग की। इसके बाद ही आदित्य ने भी पायलट के साथ उड़ान भरी और कुछ देर बाद पैराग्लाइडर अनियंत्रित होकर जमी पर जा गिरा।
विज्ञापन
हादसे के बाद दोनों के परिजन क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में रोते-बिलखते रहे। माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल है। बेटे की मौत के बाद आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।
विज्ञापन
यह हादसा दोनों मृतकों के परिजनों को ताउम्र का जख्म दे गया। ग्रामीण सैलानी और पायलट के परिजनों को ढांढस बांधते रहे। बता दें कि पिछले पांच साल में कुल्लू जिले में पैराग्लाइडिंग के दर्जनभर हादसे हो चुके हैं। इनमें आठ से दस लोगों की मौत हो गई।