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Kullu News: मौसम दे रहा साथ, बागवानों को बंपर फसल की बंधी आस
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मौसम दे रहा साथ, बागवानों को बंपर फसल की बंधी आस
मौसम बना मेहरबान, सेब बगीचे लगाने में जुटे बागवान
बर्फबारी के बागवानों ने खरीदे अर्ली वैरायटी के 36,000 पौधे
बागवानी विभाग के पास 70,000 पौधों का रुट स्टॉक उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। बागवानी केे लिए विख्यात कुल्लू जिले में सेब का दायरा साल दर बढ़ता जा रहा है। इस साल देरी से हुई बर्फबारी के बाद बागवानों ने 36,000 अर्ली वैरायटी के सेब पौधों की खरीद की है। बागवानी विभाग के पास इस साल विभिन्न प्रजाति के करीब 70,000 पौधे आए हैं। मौसम में आए बदलाव से फरवरी से मौसम लगातार अनुकूल चल रहा है। ऐसे में बागवानों की बांछें खिल गई हैं। बागवानी विभाग से सेब पौधों की खरीद के बाद बागवानों ने नए बगीचे लगाने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। दूसरी बार चार दिन से हो रही बर्फबारी व बारिश से न केवल बागवानी विभाग गदगद है, बल्कि बागवानों को भी इस साल सेब की अच्छी फसल होने की उम्मीद है। पिछले एक दशक से जिले में ओलावृष्टि, अंधड़ व असमय बर्फबारी के कारण सेब का उत्पादन लगातार गिरता जा रहा है। बागवान लीला प्रसाद, तेज राम, कुमार सिंह, जगदीश ठाकुर और प्रेम ठाकुर ने कहा कि फरवरी बागवानों के लिए मेहरबान हो गया है। फरवरी के पहले सप्ताह तक लगातार बर्फबारी व बारिश का दौर शुरू रहा। अब दस दिन बाद फिर मौसम ने करवट ली है, जो कृषि व बागवानी के लिए सबसे उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि बागवान सेब के नए बगीचे लगाने में मशगूल हैं। अर्ली वैरायटी के साथ सेब की रॉयल प्रजाति को भी लगाया जा रहा है। बागवानी विभाग कुल्लू के उपनिदेशक डाॅ. बीएम चौहान ने कहा कि बागवानी विभाग के पास इस साल अर्ली वैरायटी के करीब 70,000 पौधे बेचने के लिए उपलब्ध हैं। बर्फबारी के बाद बागवानों ने एकाएक खरीदारी शुरू की और दो सप्ताह के भीतर ही किंग रोट, स्कार्लेट स्पर, डार्क बैरन गाला, रेडलम गाला तथा जेरोमाइन आदि किस्मों के सेब पौधे रोपे। कहा कि बागवानी विभाग ने सभी खंड पर सेब की खेप को भेजा था। उन्होंने कहा कि बागवान अब रूट स्टॉक सेब की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहा है।
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मौसम बना मेहरबान, सेब बगीचे लगाने में जुटे बागवान
बर्फबारी के बागवानों ने खरीदे अर्ली वैरायटी के 36,000 पौधे
बागवानी विभाग के पास 70,000 पौधों का रुट स्टॉक उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। बागवानी केे लिए विख्यात कुल्लू जिले में सेब का दायरा साल दर बढ़ता जा रहा है। इस साल देरी से हुई बर्फबारी के बाद बागवानों ने 36,000 अर्ली वैरायटी के सेब पौधों की खरीद की है। बागवानी विभाग के पास इस साल विभिन्न प्रजाति के करीब 70,000 पौधे आए हैं। मौसम में आए बदलाव से फरवरी से मौसम लगातार अनुकूल चल रहा है। ऐसे में बागवानों की बांछें खिल गई हैं। बागवानी विभाग से सेब पौधों की खरीद के बाद बागवानों ने नए बगीचे लगाने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। दूसरी बार चार दिन से हो रही बर्फबारी व बारिश से न केवल बागवानी विभाग गदगद है, बल्कि बागवानों को भी इस साल सेब की अच्छी फसल होने की उम्मीद है। पिछले एक दशक से जिले में ओलावृष्टि, अंधड़ व असमय बर्फबारी के कारण सेब का उत्पादन लगातार गिरता जा रहा है। बागवान लीला प्रसाद, तेज राम, कुमार सिंह, जगदीश ठाकुर और प्रेम ठाकुर ने कहा कि फरवरी बागवानों के लिए मेहरबान हो गया है। फरवरी के पहले सप्ताह तक लगातार बर्फबारी व बारिश का दौर शुरू रहा। अब दस दिन बाद फिर मौसम ने करवट ली है, जो कृषि व बागवानी के लिए सबसे उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि बागवान सेब के नए बगीचे लगाने में मशगूल हैं। अर्ली वैरायटी के साथ सेब की रॉयल प्रजाति को भी लगाया जा रहा है। बागवानी विभाग कुल्लू के उपनिदेशक डाॅ. बीएम चौहान ने कहा कि बागवानी विभाग के पास इस साल अर्ली वैरायटी के करीब 70,000 पौधे बेचने के लिए उपलब्ध हैं। बर्फबारी के बाद बागवानों ने एकाएक खरीदारी शुरू की और दो सप्ताह के भीतर ही किंग रोट, स्कार्लेट स्पर, डार्क बैरन गाला, रेडलम गाला तथा जेरोमाइन आदि किस्मों के सेब पौधे रोपे। कहा कि बागवानी विभाग ने सभी खंड पर सेब की खेप को भेजा था। उन्होंने कहा कि बागवान अब रूट स्टॉक सेब की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहा है।