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पलचान के ग्रामीणों को नहीं मिला सड़क का मुआवजा
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उपायुक्त कुल्लू से मिलने पहुंचे पलचान गांव के ग्रामीण। संवाद
- फोटो : Kullu
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कुल्लू। मनाली-लेह मार्ग के बीच मनाली के साथ लगते कुलंग से पहचान तक सड़क के विस्तारीकरण का पलचान के ग्रामीणों को मुआवजा नहीं मिला है। इसको लेकर पलचान के ग्रामीण उपायुक्त आशुतोष गर्ग से मिले और समस्या को अवगत करवाया।
ग्रामीणों ने कहा है कि हिमाचल सरकार ने मकानों का अधिग्रहण करने की पहली अधिसूचना 7 जनवरी, 2019 को जारी की थी, लेकिन उसके बाद फिर से प्रदेश सरकार द्वारा नई अधिसूचना तीन सितंबर 2021 को की गई। एक साल बाद भी भूमि और मकान अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। उनको मुआवजा भी नहीं दिया गया। ऐसे में वे तीन साल से मकानों की मरम्मत भी नहीं कर पाए हैं। उन्होंने मकानों को खाली रखा है। इसमें उनकी दुकानें और किराएदार भी थे।
उन्होंने कहा कि इस समस्या को ग्रामीण मंत्री, राजस्व विभाग व बीआरओ के समक्ष उठा चुके हैं परंतु अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीण धर्म चंद, मनी राम, बुध राम ठाकुर, दीना नाथ, मंगल चंद, दिनेश कुमार, राम कुमार, सर्व दयाल, विद्या प्रकाश, धनी राम, दौलत राम, मेहर चंद व दिले राम ने कहा कि अब ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि वे अपनी जमीन की बाड़बंदी करेगी और अगर इस दौरान सड़क बंद होती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी।
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कुलंग से लेकर पलचान तक सड़क के विस्तारीकरण के लिए 1067 लोगों की जमीन अधिग्रहित होनी है लेकिन अभी तक इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है।
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ग्रामीणों ने कहा है कि हिमाचल सरकार ने मकानों का अधिग्रहण करने की पहली अधिसूचना 7 जनवरी, 2019 को जारी की थी, लेकिन उसके बाद फिर से प्रदेश सरकार द्वारा नई अधिसूचना तीन सितंबर 2021 को की गई। एक साल बाद भी भूमि और मकान अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। उनको मुआवजा भी नहीं दिया गया। ऐसे में वे तीन साल से मकानों की मरम्मत भी नहीं कर पाए हैं। उन्होंने मकानों को खाली रखा है। इसमें उनकी दुकानें और किराएदार भी थे।
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उन्होंने कहा कि इस समस्या को ग्रामीण मंत्री, राजस्व विभाग व बीआरओ के समक्ष उठा चुके हैं परंतु अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीण धर्म चंद, मनी राम, बुध राम ठाकुर, दीना नाथ, मंगल चंद, दिनेश कुमार, राम कुमार, सर्व दयाल, विद्या प्रकाश, धनी राम, दौलत राम, मेहर चंद व दिले राम ने कहा कि अब ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि वे अपनी जमीन की बाड़बंदी करेगी और अगर इस दौरान सड़क बंद होती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी।
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कुलंग से लेकर पलचान तक सड़क के विस्तारीकरण के लिए 1067 लोगों की जमीन अधिग्रहित होनी है लेकिन अभी तक इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है।