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Kullu News: भूकंप-बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने का होगा अभ्यास
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12 जून को टेबल टॉप एक्सरसाइज का किया जाएगा आयोजन
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सौजन्य से प्रदेश में 15 जून को 10वीं राज्य स्तरीय मेगा मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी। इससे पूर्व 12 जून को टेबल टॉप एक्सरसाइज का आयोजन किया जाएगा। इसकी तैयारियों को लेकर मंगलवार को वर्चुअल माध्यम से मार्गदर्शन एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के अधिकारियों ने मेगा मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा की। जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, आईटीबीपी, एसएसबी, पुलिस, अग्निशमन विभाग और होमगार्ड के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
अधिकारियों ने बताया कि टेबल टॉप एक्सरसाइज का उद्देश्य आपदा की स्थिति में बुनियादी ढांचे, विभागीय समन्वय, उपलब्ध संसाधनों तथा त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र की प्रभावशीलता का आकलन करना है। बैठक में जानकारी दी गई कि कुल्लू जिले सहित प्रदेश का लगभग 40 प्रतिशत क्षेत्र उच्च भूकंपीय संवेदनशीलता वाले सिस्मिक जोन-5 में आता है।
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बैठक में भूकंप, बाढ़ और वनाग्नि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए मॉक ड्रिल के महत्व पर चर्चा की गई। साथ ही ग्लेशियर झील फटने (जीएलओएफ) जैसी संभावित आपदाओं की स्थिति में प्रभावी आपदा प्रबंधन और त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूर्व तैयारियों की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सौजन्य से प्रदेश में 15 जून को 10वीं राज्य स्तरीय मेगा मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी। इससे पूर्व 12 जून को टेबल टॉप एक्सरसाइज का आयोजन किया जाएगा। इसकी तैयारियों को लेकर मंगलवार को वर्चुअल माध्यम से मार्गदर्शन एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के अधिकारियों ने मेगा मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा की। जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, आईटीबीपी, एसएसबी, पुलिस, अग्निशमन विभाग और होमगार्ड के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
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अधिकारियों ने बताया कि टेबल टॉप एक्सरसाइज का उद्देश्य आपदा की स्थिति में बुनियादी ढांचे, विभागीय समन्वय, उपलब्ध संसाधनों तथा त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र की प्रभावशीलता का आकलन करना है। बैठक में जानकारी दी गई कि कुल्लू जिले सहित प्रदेश का लगभग 40 प्रतिशत क्षेत्र उच्च भूकंपीय संवेदनशीलता वाले सिस्मिक जोन-5 में आता है।
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बैठक में भूकंप, बाढ़ और वनाग्नि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए मॉक ड्रिल के महत्व पर चर्चा की गई। साथ ही ग्लेशियर झील फटने (जीएलओएफ) जैसी संभावित आपदाओं की स्थिति में प्रभावी आपदा प्रबंधन और त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूर्व तैयारियों की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। संवाद