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Kullu News: झांकियों से दिया अच्छा वक्त आने का संदेश
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सैंज (कुल्लू)। जुलाई 2023 में आपदा से सैंज घाटी को मिले गहरे जख्म अब भरते नजर आ रहे हैं। विकट परिस्थितियों का सामना करने के बाद प्रसिद्ध देव समागम सैंज मेले में शनिवार को सैकड़ों महिलाएं सड़क पर निकल आईं और बुरे वक्त के बाद अच्छा वक्त आने का संदेश दिया।
सैंज मेले में घाटी के 51 महिला मंडलों की सैकड़ों महिलाओं ने नालागढ़ बाजार से सैंज मेला मैदान तक भव्य झांकी निकाली। शिक्षा, स्वच्छता, एकता, मतदान, पर्यावरण के अलावा विकट परिस्थितियों का दृढ़ता से सामना करने का संदेश दिया गया। सैंज मेले में हर वर्ष झांकियां निकाली जाती हैं। बीते वर्ष जुलाई की आपदा से सैंज घाटी में भारी नुकसान हुआ था। सैंज बाजार सहित आसपास के कई गांव बाढ़ में बह गए थे। मेला मैदान के एक छोर पर बना कलाकेंद्र भी बाढ़ की भेंट चढ़ा। आपदा के बाद सैंज घाटी में यह पहला बड़ा उत्सव मनाया जा रहा है।
आपदा से मिले जख्मों से उभरते हुए इस बार मेले के मूल स्वरूप में कोई कमी नहीं दिखी। भव्य देव मिलन के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम पहले की तरह चल रहे हैं। मेले में 51 महिला मंडलों और स्कूली बच्चों की भव्य झांकियों को देखकर लोगों के आंसू छलक आए। बाढ़ से बाजार के टूटे हिस्से से जब झांकी गुजरी तो लोग पुराने दिनों को याद कर भावुक हो उठे।
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इन दलों ने लिया भाग
जिला स्तरीय लक्ष्मी नारायण सैंज मेले में प्रशासन और मेला कमेटी के सहयोग से स्कूली छात्रों, महिला मंडलों, स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से झांकियों का आयोजन किया गया। झांकियों का शुभारंभ गिरधारी चौहान ने हरी झंडी दिखाकर किया। झांकियों में स्कूलों, महिला बाल विकास विभाग सहित घाटी के तमाम महिला मंडलों ने भाग लिया। एसके इंजीनियरिंग के एमडी तेजा ठाकुर ने झांकियों का समापन किया।
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सैंज मेले में घाटी के 51 महिला मंडलों की सैकड़ों महिलाओं ने नालागढ़ बाजार से सैंज मेला मैदान तक भव्य झांकी निकाली। शिक्षा, स्वच्छता, एकता, मतदान, पर्यावरण के अलावा विकट परिस्थितियों का दृढ़ता से सामना करने का संदेश दिया गया। सैंज मेले में हर वर्ष झांकियां निकाली जाती हैं। बीते वर्ष जुलाई की आपदा से सैंज घाटी में भारी नुकसान हुआ था। सैंज बाजार सहित आसपास के कई गांव बाढ़ में बह गए थे। मेला मैदान के एक छोर पर बना कलाकेंद्र भी बाढ़ की भेंट चढ़ा। आपदा के बाद सैंज घाटी में यह पहला बड़ा उत्सव मनाया जा रहा है।
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आपदा से मिले जख्मों से उभरते हुए इस बार मेले के मूल स्वरूप में कोई कमी नहीं दिखी। भव्य देव मिलन के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम पहले की तरह चल रहे हैं। मेले में 51 महिला मंडलों और स्कूली बच्चों की भव्य झांकियों को देखकर लोगों के आंसू छलक आए। बाढ़ से बाजार के टूटे हिस्से से जब झांकी गुजरी तो लोग पुराने दिनों को याद कर भावुक हो उठे।
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इन दलों ने लिया भाग
जिला स्तरीय लक्ष्मी नारायण सैंज मेले में प्रशासन और मेला कमेटी के सहयोग से स्कूली छात्रों, महिला मंडलों, स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से झांकियों का आयोजन किया गया। झांकियों का शुभारंभ गिरधारी चौहान ने हरी झंडी दिखाकर किया। झांकियों में स्कूलों, महिला बाल विकास विभाग सहित घाटी के तमाम महिला मंडलों ने भाग लिया। एसके इंजीनियरिंग के एमडी तेजा ठाकुर ने झांकियों का समापन किया।