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Kullu News: लेह में लाहौल के फौजी की ड्यूटी के दौरान हुई मौत
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उदयपुर (लाहौल- स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति जिले का एक फौजी की लेह में ड्यूटी के दौरान मौत हो गई है। लद्दाख स्काउट में तैनात सिपाही निखिल कुमार (23) की मौत की खबर सुनते ही समूची लाहौल घाटी शौक में डूब गई है। जवान की मौत कैसे हुई यह अभी साफ नहीं हो पाया है।
वहीं भारतीय सेना में तैनात रहे सिंदवाड़ी गांव के सैनिक की मौत की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। निखिल चार साल से देश सेवा कर रहे थे। मृतक सैनिक के माता व पिता कुल्लू जिले के गदौरी में रहते हैं। घटना शुक्रवार की है और इसकी सूचना भी शुक्रवार शाम को ही परिवार के लोगों को मिली है।
बेटे की मौत की खबर सुन कर माता परवीन और पिता गणेश लाल सहित परिजनों का चार दिनों से रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोग चार दिन से भूखे, प्यासे अपने बेटे के पार्थिव शरीर के घर पहुंचने के इंतजार कर रहे हैं। वहीं रिश्तेदार व अन्य लोग परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं। बताया जा रहा है निखिल वर्ष 2018 में लद्दाख स्काउट्स में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था।
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सोमवार को जवान निखिल के पार्थिव शरीर को लेह से सुबह 9:00 बजे भारतीय सेना के चौपर से चंडीगढ़ लाया गया, जहां से एंबुलेंस की मदद से कुल्लू जिला के गदौरी लाया जा रहा है। शाम तक मृतक का पार्थिव शरीर कुल्लू पहुंच जाएगा। मंगलवार सुबह 10 बजे निखिल का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ कुल्लू के मौहल में ही होगा। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस व सेना के साथ लाहौल व कुल्लू के लोग शव यात्रा में शामिल होंगे।
बता दे कि शहीद निखिल शर्मा के बड़े भाई राहुल (24) भी डोगरा रेजीडेंट में सिपाही के पद पर समदो में तैनात थे और 31 दिसंबर 2017 को वह घर में छुट्टी काटने के बाद ड्यूटी जा रहे थे कि करसोग के समीप सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी। पांच साल के भीतर दोनों फौजी भाइयों की मौत को पूरा परिवार ताउम्र नहीं भूल पाएगा। जवान बेटों को खोने से माता बेसुध पड़ी और रो-रोकर बुरा हाल है। नाना प्रेम लाल ने कहा कि परिवारजनों को शुक्रवार शाम को निखिल की मौत की सूचना मिली थी।
मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने मृतक के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए प्रभु से इस दुखद घड़ी में उन्हें हिम्मत देने की प्रार्थना भी की है।
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वहीं भारतीय सेना में तैनात रहे सिंदवाड़ी गांव के सैनिक की मौत की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। निखिल चार साल से देश सेवा कर रहे थे। मृतक सैनिक के माता व पिता कुल्लू जिले के गदौरी में रहते हैं। घटना शुक्रवार की है और इसकी सूचना भी शुक्रवार शाम को ही परिवार के लोगों को मिली है।
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बेटे की मौत की खबर सुन कर माता परवीन और पिता गणेश लाल सहित परिजनों का चार दिनों से रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोग चार दिन से भूखे, प्यासे अपने बेटे के पार्थिव शरीर के घर पहुंचने के इंतजार कर रहे हैं। वहीं रिश्तेदार व अन्य लोग परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं। बताया जा रहा है निखिल वर्ष 2018 में लद्दाख स्काउट्स में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था।
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सोमवार को जवान निखिल के पार्थिव शरीर को लेह से सुबह 9:00 बजे भारतीय सेना के चौपर से चंडीगढ़ लाया गया, जहां से एंबुलेंस की मदद से कुल्लू जिला के गदौरी लाया जा रहा है। शाम तक मृतक का पार्थिव शरीर कुल्लू पहुंच जाएगा। मंगलवार सुबह 10 बजे निखिल का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ कुल्लू के मौहल में ही होगा। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस व सेना के साथ लाहौल व कुल्लू के लोग शव यात्रा में शामिल होंगे।
बता दे कि शहीद निखिल शर्मा के बड़े भाई राहुल (24) भी डोगरा रेजीडेंट में सिपाही के पद पर समदो में तैनात थे और 31 दिसंबर 2017 को वह घर में छुट्टी काटने के बाद ड्यूटी जा रहे थे कि करसोग के समीप सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी। पांच साल के भीतर दोनों फौजी भाइयों की मौत को पूरा परिवार ताउम्र नहीं भूल पाएगा। जवान बेटों को खोने से माता बेसुध पड़ी और रो-रोकर बुरा हाल है। नाना प्रेम लाल ने कहा कि परिवारजनों को शुक्रवार शाम को निखिल की मौत की सूचना मिली थी।
मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने मृतक के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए प्रभु से इस दुखद घड़ी में उन्हें हिम्मत देने की प्रार्थना भी की है।