{"_id":"61e02fb1b8ae747cda14e01a","slug":"snowfall-kullu-news-sml396558258","type":"story","status":"publish","title_hn":"बर्फ में दोस्तों के साथ जलोड़ी दर्रा जा रहे युवक की बिगड़ी तबीयत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बर्फ में दोस्तों के साथ जलोड़ी दर्रा जा रहे युवक की बिगड़ी तबीयत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुल्लू। रिकॉर्ड बर्फबारी से हाईवे-305 दस दिनों से यातायात के लिए पूरी तरह ठप है। चार से पांच फीट की चादर और हिमस्खलन की खतरे के बीच आम लोगों के साथ जिभी, घियागी और सोझा पहुंचने वाले पर्यटक अपनी जान को जोखिम में डाल रहे हैं।
ऐसे ही मामला बुधवार देर शाम को सामने आया। जब कुल्लू से अपने घर रवाना हुए रघुपुर घाटी के तीन युवकों में से एक की तबीयत खराब हो गई है। यह तीनों युवक घियागी से पैदल रवाना हुए थे और उनको गंतव्य पहुंचने के लिए बर्फबारी में करीब 21 किलोमीटर का सफर करना था, लेकिन सोझा से लेकर जलोड़ी तक तीन से आठ फीट बर्फ की मोटी परत को पार करने में उन्हें कई घंटे लगे। इस दौरान रात करीब साढ़े से सात बजे वह जलोड़ी दर्रा पहुंचे जहां भारी बर्फबारी के बीच सभी होटल और ढाबे एक सप्ताह से बंद चल रहे है। इस दौरान उनमें से युवक की तबीयत बिगड़ रही और वह बर्फ में चलने में असमर्थ हो गया। जिसे दो अन्य युवकों ने पीठ में उठाकर पहुंचाया। तीनों पुलिस की वायरलेस टीम के पास पहुंचे जहां पुलिस जवानों ने उनकी मदद की। अंधेेरा होने पर वह बाद में जलोड़ी दर्रा में बर्फ के बनाए इग्लू में रात को ठहरने के लिए गए। वहीं बर्फबारी में जिभी, घियागी और सोझा घूमने को पहुंचने वाले पर्यटक भी अपनी जान को जोखिम में डालकर जलोड़ी दर्रा पहुंच रहे हैं।
जिला प्रशासन ने सभी होटलियरों, होम स्टे और रेस्ट हाउस संचालकों को एडवाइजरी जारी की है कि उनके यहां रूकने वाले पर्यटकों को बर्फीले इलाकों की ओर न जाने दिया जाए। पिछले दिनों बर्फ के बीच जलोड़ी पहुंचे तीन से चार सैलानियों के बाद पुलिस ने जिभी घाटी के होटलियरों से प्रशासन की मदद करने की अपील की है। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि कोई भी पर्यटक व आम लोग खतरे वाले जगहों की तरफ न जाएं। मौसम खुलने के बाद अब हिमखंड का खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ऐसे ही मामला बुधवार देर शाम को सामने आया। जब कुल्लू से अपने घर रवाना हुए रघुपुर घाटी के तीन युवकों में से एक की तबीयत खराब हो गई है। यह तीनों युवक घियागी से पैदल रवाना हुए थे और उनको गंतव्य पहुंचने के लिए बर्फबारी में करीब 21 किलोमीटर का सफर करना था, लेकिन सोझा से लेकर जलोड़ी तक तीन से आठ फीट बर्फ की मोटी परत को पार करने में उन्हें कई घंटे लगे। इस दौरान रात करीब साढ़े से सात बजे वह जलोड़ी दर्रा पहुंचे जहां भारी बर्फबारी के बीच सभी होटल और ढाबे एक सप्ताह से बंद चल रहे है। इस दौरान उनमें से युवक की तबीयत बिगड़ रही और वह बर्फ में चलने में असमर्थ हो गया। जिसे दो अन्य युवकों ने पीठ में उठाकर पहुंचाया। तीनों पुलिस की वायरलेस टीम के पास पहुंचे जहां पुलिस जवानों ने उनकी मदद की। अंधेेरा होने पर वह बाद में जलोड़ी दर्रा में बर्फ के बनाए इग्लू में रात को ठहरने के लिए गए। वहीं बर्फबारी में जिभी, घियागी और सोझा घूमने को पहुंचने वाले पर्यटक भी अपनी जान को जोखिम में डालकर जलोड़ी दर्रा पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
जिला प्रशासन ने सभी होटलियरों, होम स्टे और रेस्ट हाउस संचालकों को एडवाइजरी जारी की है कि उनके यहां रूकने वाले पर्यटकों को बर्फीले इलाकों की ओर न जाने दिया जाए। पिछले दिनों बर्फ के बीच जलोड़ी पहुंचे तीन से चार सैलानियों के बाद पुलिस ने जिभी घाटी के होटलियरों से प्रशासन की मदद करने की अपील की है। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि कोई भी पर्यटक व आम लोग खतरे वाले जगहों की तरफ न जाएं। मौसम खुलने के बाद अब हिमखंड का खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन