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बहन ने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध मनाया रक्षाबंधन
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कुल्लू में रक्षाबंधन पर अपने भाई को राखी बांधती बहन। संवाद।
- फोटो : Kullu
कुल्लू। भाई-बहन के रिश्ते को समर्पित रक्षाबंधन का त्योहार जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर रक्षाबंधन का पावन पर्व मनाया।
भाइयों ने भी बहनों की रक्षा करने का वादा किया। जिले में देवी-देवताओं को राखी बांधने की परंपरा का भी बखूबी निर्वहन किया गया। सबसे पहले सुबह आराध्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की गई। उसके बाद रक्षाबंधन की रस्मों को निभाया गया। रक्षाबंधन के लिए महिलाओं में उत्साह देखने को मिला।
गौरतलब है कि कई स्थानों पर बहनें सुबह ही भाई के घर (मायके) पहुंच गईं। बहन ने भाई के माथे पर तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर कलाई पर राखी बांधी। कुल्लू जिले के मुख्य बाजारों और बस अड्डों पर राखी के दिन काफी भीड़ देखने को मिली। महिलाएं राखी और मिठाई की खरीदारी में व्यस्त रहीं।
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हिमाचल पथ परिवहन निगम ने भी महिलाओें के लिए निशुल्क बस सेवा जारी रखी। सीमा, शकुंतला, रागिनी, मोनिका, सोनिया, रंजना, गोमती, अंजलि, सोनम ने कहा कि रक्षाबंधन बहन-भाई बहन के रिश्ते के लिए समर्पित है। बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर फर्ज अदा करती हैं और भाई भी अपनी बहनों की रक्षा करने का वादा करते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को इस दिन का पूरा साल इंतजार रहता है।
देवी-देवताओं को राखी बांधने की परंपरा
जिला कुल्लू में रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। रक्षाबंधन के दिन देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना के बाद उन्हें राखी बांधी जाती है। इसके बाद रक्षाबंधन की रस्मों का निर्वहन किया जाता है।
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भाइयों ने भी बहनों की रक्षा करने का वादा किया। जिले में देवी-देवताओं को राखी बांधने की परंपरा का भी बखूबी निर्वहन किया गया। सबसे पहले सुबह आराध्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की गई। उसके बाद रक्षाबंधन की रस्मों को निभाया गया। रक्षाबंधन के लिए महिलाओं में उत्साह देखने को मिला।
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गौरतलब है कि कई स्थानों पर बहनें सुबह ही भाई के घर (मायके) पहुंच गईं। बहन ने भाई के माथे पर तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर कलाई पर राखी बांधी। कुल्लू जिले के मुख्य बाजारों और बस अड्डों पर राखी के दिन काफी भीड़ देखने को मिली। महिलाएं राखी और मिठाई की खरीदारी में व्यस्त रहीं।
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हिमाचल पथ परिवहन निगम ने भी महिलाओें के लिए निशुल्क बस सेवा जारी रखी। सीमा, शकुंतला, रागिनी, मोनिका, सोनिया, रंजना, गोमती, अंजलि, सोनम ने कहा कि रक्षाबंधन बहन-भाई बहन के रिश्ते के लिए समर्पित है। बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर फर्ज अदा करती हैं और भाई भी अपनी बहनों की रक्षा करने का वादा करते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को इस दिन का पूरा साल इंतजार रहता है।
देवी-देवताओं को राखी बांधने की परंपरा
जिला कुल्लू में रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। रक्षाबंधन के दिन देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना के बाद उन्हें राखी बांधी जाती है। इसके बाद रक्षाबंधन की रस्मों का निर्वहन किया जाता है।