बरशैणी वार्ड से पड़ोसियों में टक्कर
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जिला परिषद के लिए बरशैणी वार्ड से कांग्रेस और भाजपा ने एक गांव टारवाई पर फोक्स किया है। मात्र आठ-दस घरों वाले टारवाई नामक इस गांव से कांग्रेस और भाजपा ने पड़ोसी उम्मीदवारों को ही मैदान में उतार दिया है। इससे कांग्रेस और भाजपा दोनों को इसका नुकसान झेलना पड़ सकता है और हिलोपा के उम्मीदवार की इस चुनाव में लॉटरी लग सकती है। सोलह पंचायतों वाले जिप बरशैणी वार्ड में जिया से लेकर नकथाण और ग्राहण तक फैले इस वार्ड में कांग्रेस और भाजपा जैसी राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियों को उम्मीदवार खोजने के लिए लंबी दौड़ दौड़नी पड़ी। लेकिन, अंत में दोनों पार्टियों को एक ही गांव में उम्मीदवार मिले।
पार्टी के ये उम्मीदवार संगठन के नेताओं की कसौटी पर कितने खरे उतरते हैं, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन दोनों पार्टियों ने चुनावी मैदान में नए चेहरे मैदान में झोंके हैं और मतदान के लिए भी कम समय बच गया है। इतने कम समय में पार्टी के ये नए चेहरे जनता के बीच में कितनी पहचान और प्रभाव डाल पाते हैं, यह संगठन के लिए भी कड़ी चुनौती होगा। दूसरी तरफ हिमाचल लोकहित पार्टी की ओर से उतारे गए भेद राम कुल्लवी बीडीसी का चुनाव भी लड़ चुके हैं। इसलिए भेदराम कुल्लवी की जनता के बीच पहले से ही जान-पहचान है। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा के नए चेहरों और एक ही गांव से उम्मीदवार उतारने का सीधा-सीधा फायदा मिल सकता है। फिलहाल, कांग्रेस और भाजपा ने अपने इन नए चेहरों को जनता के बीच ले जाने का काम शुरू कर दिया और पूरी ताकत चुनावी मैदान झोंक दी है। गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी ने टारवाई के जगदीश को चुनावी मैदान में उतारा है। जबकि भाजपा ने भी टारवाई के ही टेकचंद को इस चुनावी समर में उतारा है। हालांकि, संगठन को दोनों उम्मीदवारों को युवा होने के चलते जनता में पसंद किए जाने की काफी उम्मीद है, लेकिन जैसे-जैसे मतदान और नामांकन की तिथियां नजदीक आती जा रही हैं, वैसे-वैसे दोनों पार्टियों की धड़कने भी तेज होती जा रही हैं।
जबकि कांग्रेस की परेशानी बढ़ाने के लिए सेवानिवृत्त आरओ हरदयाल भारती ने भी चुनावी ताल ठोंक रखी है। कांग्रेस पृष्ठभूमि के हरदयाल भारती आजाद रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। भारती आश्वस्त हैं कि क्षेत्र में उनकी जान-पहचान अच्छी खासी और अपनी सरकारी सेवाकाल का भी काफी ज्यादा वक्त जनता के बीच में गुजारा है। इसका उन्हें फायदा मिल सकता है। लिहाजा, अब बरशैणी वार्ड में मुकाबला रोचक होता जा रहा है। खैर, जीत का सेहरा किसके सिर सजेगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। फिलहाल राजनीतिक घमासान के बीच जनता के बीच तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है।