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Kullu News: कुल्लू में दुग्ध सभाओं ने किया 11.60 करोड़ का कारोबार
Tue, 21 Nov 2023 11:11 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Tue, 21 Nov 2023 11:11 PM IST
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कुल्लू। जिला कुल्लू में सहकारिता विभाग के पास 132 दुग्ध सभाएं पंजीकृत हैं। इन सभाओं ने महज एक साल में दूध का 11.60 करोड़ का कारोबार किया है, जिसकी एवज में करीब 58 लाख की प्रत्यक्ष तौर पर कमाई की है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले के छह सहकारिता खंडों से इन सभाओं ने 41.43 लाख लीटर दूध एकत्र कर लाखों रुपये का मुनाफा कमाया है। जिले में पिछले कुछ सालों में दुग्ध सभाओं का पंजीकरण तेजी से हुआ है। सहकारिता विभाग भी प्राथमिकता के आधार पर इनका पंजीकरण कर रहा है, जिसका फायदा ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को मिल रहा है।
सभाएं अपने क्षेत्र के पशुपालकों से दूध उपयुक्त दामों पर खरीद रही हैं। इसके बाद ये सभाएं एकत्र दूध को सरकारी और निजी कंपनियों को बेच रही हैं। जिले में दूध की मांग अधिक रहती है।
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ऐसे में दुग्ध सभाओं का कारोबार बेहतर चल रहा है। विभाग और सभाओं का आपसी समन्वय बेहतर होना ही कारोबार में बढ़ोतरी को प्रमाणित कर रहा है। इस संबंध में सहकारिता विभाग के निरीक्षक राजेश जसवाल ने कहा कि जिले में विभाग के पास 132 दुग्ध सभाएं पंजीकृत हैं, जो लगातार अपना दायरा बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि एक साल में इन सभाओं ने 41,43,392 लीटर दूध का विक्रय कर 11.60 करोड़ का कारोबार किया है। संवाद
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले के छह सहकारिता खंडों से इन सभाओं ने 41.43 लाख लीटर दूध एकत्र कर लाखों रुपये का मुनाफा कमाया है। जिले में पिछले कुछ सालों में दुग्ध सभाओं का पंजीकरण तेजी से हुआ है। सहकारिता विभाग भी प्राथमिकता के आधार पर इनका पंजीकरण कर रहा है, जिसका फायदा ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को मिल रहा है।
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सभाएं अपने क्षेत्र के पशुपालकों से दूध उपयुक्त दामों पर खरीद रही हैं। इसके बाद ये सभाएं एकत्र दूध को सरकारी और निजी कंपनियों को बेच रही हैं। जिले में दूध की मांग अधिक रहती है।
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ऐसे में दुग्ध सभाओं का कारोबार बेहतर चल रहा है। विभाग और सभाओं का आपसी समन्वय बेहतर होना ही कारोबार में बढ़ोतरी को प्रमाणित कर रहा है। इस संबंध में सहकारिता विभाग के निरीक्षक राजेश जसवाल ने कहा कि जिले में विभाग के पास 132 दुग्ध सभाएं पंजीकृत हैं, जो लगातार अपना दायरा बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि एक साल में इन सभाओं ने 41,43,392 लीटर दूध का विक्रय कर 11.60 करोड़ का कारोबार किया है। संवाद