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Kullu News: सड़कें बाधित होने से लाहौल के मटर के दाम गिरे
Sat, 15 Jul 2023 11:23 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 15 Jul 2023 11:23 PM IST
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उदयपुर (लाहौल- स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र लाहौल घाटी के किसानों की उम्मीदों को बारिश ने धो डाला है। अटल टनल रोहतांग के साउथ पोर्टल में जाम की समस्या किसानों और व्यापारियों के लिए सिर दर्द बन गई है।
घाटी में इन दिनों मटर सीजन तेज हो गया और किसानों को बरसात के मौसम ने परेशान कर दिया है। लाहौल घाटी में जगह-जगह सड़कें बाधित होने से हरे मटर के दाम भी घटने लगे हैं। पलचान पुल से आगे ओल्ड मनाली, अरछंडी से रायसन पुल की तरफ जाने वाली सड़क संकरी होने से सब्जियों से लदी गाड़ियां जाम में फंस रही हैं।
इन दिनों मनाली, कुल्लू की मुख्य सड़कें भी कई हिस्सों में ढह गई हैं। सड़कें बाधित होने से मटर के दाम भी घटने शुरू हो गए हैं। शुरुआती दिनों में लाहौल घाटी में हरा मटर 55 से लेकर 66 रुपये तक प्रति किलो बिका, जो अब 35 रुपये तक पहुंच गया है। प्रदेशभर में हुई भारी बारिश के बाद से मटर के दाम लुढ़क गए हैं।
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लाहौल घाटी के किसानों ने सरकार और लाहौल, कुल्लू प्रशासन से आग्रह किया है कि लाहौल से देश की विभिन्न मंडियों के लिए निकलने वाली गाड़ियों को भेजने की व्यवस्था की जाए। घाटी के 95 फीसदी परिवारों का पालन पोषण इन्हीं फसलों पर निर्भर होता है। किसान मान दास, रमेश लाल, वीर सिंह और सोहन लाल ने बताया कि बारिश और बाढ़ से उनकी दिक्कतें बढ़ी हैं।
उन्होंने बताया कि घाटी में मटर सीजन तेज हो गया है, लेकिन मटर के दाम 66 रुपये से गिरकर 35 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। कम दाम मिलने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। बारिश और बाढ़ के चलते मनाली और कुल्लू की तरफ गाड़ियां ले जाना कठिन हो गया है।
लाहौल-स्पीति के पुलिस अधीक्षक मयंक चौधरी ने बताया कि कुल्लू में समस्या आ रही है। वह इस सिलसिले में कुल्लू पुलिस प्रशासन से सिफारिश करेंगे। संवाद
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घाटी में इन दिनों मटर सीजन तेज हो गया और किसानों को बरसात के मौसम ने परेशान कर दिया है। लाहौल घाटी में जगह-जगह सड़कें बाधित होने से हरे मटर के दाम भी घटने लगे हैं। पलचान पुल से आगे ओल्ड मनाली, अरछंडी से रायसन पुल की तरफ जाने वाली सड़क संकरी होने से सब्जियों से लदी गाड़ियां जाम में फंस रही हैं।
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इन दिनों मनाली, कुल्लू की मुख्य सड़कें भी कई हिस्सों में ढह गई हैं। सड़कें बाधित होने से मटर के दाम भी घटने शुरू हो गए हैं। शुरुआती दिनों में लाहौल घाटी में हरा मटर 55 से लेकर 66 रुपये तक प्रति किलो बिका, जो अब 35 रुपये तक पहुंच गया है। प्रदेशभर में हुई भारी बारिश के बाद से मटर के दाम लुढ़क गए हैं।
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लाहौल घाटी के किसानों ने सरकार और लाहौल, कुल्लू प्रशासन से आग्रह किया है कि लाहौल से देश की विभिन्न मंडियों के लिए निकलने वाली गाड़ियों को भेजने की व्यवस्था की जाए। घाटी के 95 फीसदी परिवारों का पालन पोषण इन्हीं फसलों पर निर्भर होता है। किसान मान दास, रमेश लाल, वीर सिंह और सोहन लाल ने बताया कि बारिश और बाढ़ से उनकी दिक्कतें बढ़ी हैं।
उन्होंने बताया कि घाटी में मटर सीजन तेज हो गया है, लेकिन मटर के दाम 66 रुपये से गिरकर 35 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। कम दाम मिलने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। बारिश और बाढ़ के चलते मनाली और कुल्लू की तरफ गाड़ियां ले जाना कठिन हो गया है।
लाहौल-स्पीति के पुलिस अधीक्षक मयंक चौधरी ने बताया कि कुल्लू में समस्या आ रही है। वह इस सिलसिले में कुल्लू पुलिस प्रशासन से सिफारिश करेंगे। संवाद