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Himachal News: 468 करोड़ से सुरक्षित होगा कुल्लू-मनाली हाईवे, 17 जगह बनेंगे सुरक्षा ढांचे
Sun, 28 Jun 2026 02:15 PM IST
Ankesh Dogra
रोशन ठाकुर, कुल्लू।
रोशन ठाकुर, कुल्लू।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 28 Jun 2026 02:15 PM IST
सार
ब्यास नदी के कटाव से प्रभावित कुल्लू-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए एनएचएआई ने 468 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू की है। कुल्लू से मनाली के बीच 17 संवेदनशील स्थानों पर आरसीसी सुरक्षा दीवारें, सड़क ऊंची करने सहित स्थायी संरक्षण कार्य किए जाएंगे। चारों टेंडर अवार्ड हो चुके हैं और जल्द निर्माण शुरू होगा।
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कुल्लू-मनाली हाईवे पर आलूग्राउंड के समीप बाढ़ में बहा हाईवे।- फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
वर्ष 2023 से 2025 के बीच आई आपदाओं में ब्यास नदी ने कुल्लू-मनाली एनएच को कई जगह नुकसान पहुंचाया। सामरिक दृष्टि से अहम इस हाईवे को भविष्य में ब्यास के कटाव से सुरक्षित रखने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
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एनएचएआई ने 468 करोड़ रुपये की लागत से चार अलग-अलग टेंडर जारी कर निर्माण कार्य संबंधित कंपनियों को अवार्ड कर दिया है। जल्द ही कार्य शुरू होगा। परियोजना के तहत कुल्लू से मनाली के बीच 17 सबसे संवेदनशील स्थानों पर हाईवे को सुरक्षित बनाया जाएगा। जहां आवश्यकता होगी वहां सड़क का स्तर ऊंचा किया जाएगा, जबकि ब्यास नदी के किनारे आरसीसी की मजबूत सुरक्षा दीवारें बनाई जाएंगी ताकि भविष्य में नदी के कटाव से सड़क को नुकसान न पहुंचे। पिछले तीन वर्षों में ब्यास नदी के उफान से मार्ग को करोड़ों का नुकसान हुआ है।
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कई बार हाईवे दिनों तक बंद रहने से हजारों पर्यटक फंस गए थे, जिन्हें प्रशासन ने रेस्क्यू किया। वहीं सेब और सब्जियों की ढुलाई प्रभावित होने से बागवानों और किसानों को भी करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। एनएचएआई के परियोजना निदेशक वरुण चारी ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और निर्माण कार्य संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया है। सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उनका कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद हाईवे पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनेगा।
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इन जगहों पर होंगे संरक्षण कार्य: रामशिला, वैष्णो देवी मंदिर क्षेत्र, सेऊबाग पुल, बंदरोल, ग्रीन टैक्स बैरियर, कन्याल चौक, मनाली बाईपास, ब्राण, रायसन, डोहलूनाला, पतलीकूहल, 14 मील, 16 मील, 17 मील, आलग्राउंड सब्जी मंडी, क्लाथ और बिंदु ढांक सहित 17 स्थानों पर हाईवे को सुरक्षित बनाने के लिए विशेष संरक्षण कार्य किए जाएंगे। ये सभी क्षेत्र ब्यास नदी के किनारे स्थित हैं और पिछले वर्षों में सबसे अधिक प्रभावित रहे हैं।