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Kullu News: बरसात में पतझड़, पीले पड़कर गिर रहे सेब के पत्ते
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मनाली। लगातार बारिश और अत्यधिक नमी ने कुल्लू-मनाली घाटी के सेब बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच सेब के पेड़ों के पत्ते समय से पहले पीले पड़कर झड़ने लगे हैं। इससे अगले वर्ष की फसल के लिए पेड़ों में स्पर कमजोर होने की आशंका बढ़ गई है। बागवानों का कहना है कि यदि मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहा तो इस वर्ष कम हुई फसल के बाद अगले साल की पैदावार पर भी असर पड़ सकता है।
इस वर्ष मौसम की मार के कारण अधिकांश क्षेत्रों में सेब की फसल पहले ही प्रभावित हुई है। अब समय से पहले पत्ते झड़ने की समस्या ने बागवानों की चिंता और बढ़ा दी है। बागवान कमलेश, किशन लाल, कुंदन लाला और घनश्याम ने बताया कि लगातार बारिश के कारण बगीचों में पत्ते तेजी से पीले पड़कर गिर रहे हैं। उनका कहना है कि समय से पहले पत्ते झड़ने से आगामी वर्ष की फसल पर असर पड़ने की आशंका है।
उधर, बागवानी विभाग ने बागवानों से घबराने के बजाय वैज्ञानिक सलाह के अनुसार बगीचों का प्रबंधन करने की अपील की है। बागवानी उपनिदेशक राजकुमार ने बताया कि सेब बगीचों में रोग और पोषक तत्वों के प्रबंधन के लिए दवाइयों के छिड़काव का निर्धारित शेड्यूल जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि बागवान तय शेड्यूल के अनुसार समय पर छिड़काव करें तो पत्तों के पीले पड़ने की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने बागवानों से विभाग की सलाह का पालन करने और जरूरत पड़ने पर नजदीकी बागवानी कार्यालय से तकनीकी मार्गदर्शन लेने की अपील की। संवाद
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इस वर्ष मौसम की मार के कारण अधिकांश क्षेत्रों में सेब की फसल पहले ही प्रभावित हुई है। अब समय से पहले पत्ते झड़ने की समस्या ने बागवानों की चिंता और बढ़ा दी है। बागवान कमलेश, किशन लाल, कुंदन लाला और घनश्याम ने बताया कि लगातार बारिश के कारण बगीचों में पत्ते तेजी से पीले पड़कर गिर रहे हैं। उनका कहना है कि समय से पहले पत्ते झड़ने से आगामी वर्ष की फसल पर असर पड़ने की आशंका है।
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उधर, बागवानी विभाग ने बागवानों से घबराने के बजाय वैज्ञानिक सलाह के अनुसार बगीचों का प्रबंधन करने की अपील की है। बागवानी उपनिदेशक राजकुमार ने बताया कि सेब बगीचों में रोग और पोषक तत्वों के प्रबंधन के लिए दवाइयों के छिड़काव का निर्धारित शेड्यूल जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि बागवान तय शेड्यूल के अनुसार समय पर छिड़काव करें तो पत्तों के पीले पड़ने की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने बागवानों से विभाग की सलाह का पालन करने और जरूरत पड़ने पर नजदीकी बागवानी कार्यालय से तकनीकी मार्गदर्शन लेने की अपील की। संवाद
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