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Kullu News: छह महीने बाद मिला बाढ़ में बही जेसीबी का टायर
Sat, 31 Jan 2026 10:32 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 31 Jan 2026 10:32 PM IST
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सैंज के सिउंड जोगणी माता मंदिर के पास चल रहा मलबा हटाने का काम
25 जून को जीवानाला में आई थी बाढ़, भाई-बहन अभी भी चल रहे लापता
संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली (कुल्लू)। सैंज घाटी के सिउंड जोगणी माता मंदिर के पास छह महीने बाद बाढ़ की चपेट में आई जेसीबी का टायर नजर आया है। यहां कुछ दिनों से मलबा हटाने का काम चला है।
मलबा हटाते समय जेसीबी का टायर नजर आया है। बरसात के दौरान 25 जून को जीवानाला में बाढ़ आ गई थी। सिउंड के पास पिन पार्वती नदी और जीवानाला का संगम स्थल है। इस कारण यहां काफी मात्रा में मलबा जमा हो गया था। जेसीबी, स्कूटी और एक दुकान बाढ़ की भेंट चढ़ी है। अब यहां से मिट्टी हटाना शुरू किया तो टायर नजर आया। लोगों ने कहा कि यहां डंप मलबे को पूरी तरह से हटाया जाए और जोगणी माता के मंदिर के लिए भी सुरक्षा दीवार लगाई जाए। लोगों का कहना है कि यहां डंप मलबे के कारण माता के मंदिर तक जाने वाला रास्ता भी खराब हो गया है और मंदिर भी असुरक्षित हो गया है। इसके लिए मंदिर को सुरक्षित करने के लिए सुरक्षा दीवार लगाई जानी जरूरी है और जीवा नाला और पिन पार्वती का बहाव यहां ठीक से हो सके, इसको देखते हुए मलबे को हटाया जाना जरूरी है। ऐसे में लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मलबे को पूरी तरह से हटाया जाए। इससे लापता जेसीबी, स्कूटी के साथ लापता चल रहे भाई-बहन के मिलने की भी संभावनाएं बढ़ जाएंगी।
गौर रहे कि जीवानाला में बाढ़ आने से क्षेत्र से तीन लोग बह गए थे। इनमें एक किशोरी का शव कुछ मीटर दूर बरामद कर लिया था लेकिन एक महिला और पुरुष अभी भी लापता हैं। वे रिश्ते में भाई बहन हैं। उनकी खोज के लिए अभियान चलाया गया था लेकिन कोई पता नहीं चल पाया था।
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गौरतलब है कि क्षेत्र के लोगों की मांग पर प्रशासन और प्रोजेक्ट प्रबंधन ने मलबा हटाने का काम शुरू किया है। इस दौरान बाढ़ की चपेट में आई जेसीबी का टायर नजर आया है। इससे जेसीबी के मिलने की उम्मीद भी जग गई है।
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25 जून को जीवानाला में आई थी बाढ़, भाई-बहन अभी भी चल रहे लापता
संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली (कुल्लू)। सैंज घाटी के सिउंड जोगणी माता मंदिर के पास छह महीने बाद बाढ़ की चपेट में आई जेसीबी का टायर नजर आया है। यहां कुछ दिनों से मलबा हटाने का काम चला है।
मलबा हटाते समय जेसीबी का टायर नजर आया है। बरसात के दौरान 25 जून को जीवानाला में बाढ़ आ गई थी। सिउंड के पास पिन पार्वती नदी और जीवानाला का संगम स्थल है। इस कारण यहां काफी मात्रा में मलबा जमा हो गया था। जेसीबी, स्कूटी और एक दुकान बाढ़ की भेंट चढ़ी है। अब यहां से मिट्टी हटाना शुरू किया तो टायर नजर आया। लोगों ने कहा कि यहां डंप मलबे को पूरी तरह से हटाया जाए और जोगणी माता के मंदिर के लिए भी सुरक्षा दीवार लगाई जाए। लोगों का कहना है कि यहां डंप मलबे के कारण माता के मंदिर तक जाने वाला रास्ता भी खराब हो गया है और मंदिर भी असुरक्षित हो गया है। इसके लिए मंदिर को सुरक्षित करने के लिए सुरक्षा दीवार लगाई जानी जरूरी है और जीवा नाला और पिन पार्वती का बहाव यहां ठीक से हो सके, इसको देखते हुए मलबे को हटाया जाना जरूरी है। ऐसे में लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मलबे को पूरी तरह से हटाया जाए। इससे लापता जेसीबी, स्कूटी के साथ लापता चल रहे भाई-बहन के मिलने की भी संभावनाएं बढ़ जाएंगी।
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गौर रहे कि जीवानाला में बाढ़ आने से क्षेत्र से तीन लोग बह गए थे। इनमें एक किशोरी का शव कुछ मीटर दूर बरामद कर लिया था लेकिन एक महिला और पुरुष अभी भी लापता हैं। वे रिश्ते में भाई बहन हैं। उनकी खोज के लिए अभियान चलाया गया था लेकिन कोई पता नहीं चल पाया था।
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गौरतलब है कि क्षेत्र के लोगों की मांग पर प्रशासन और प्रोजेक्ट प्रबंधन ने मलबा हटाने का काम शुरू किया है। इस दौरान बाढ़ की चपेट में आई जेसीबी का टायर नजर आया है। इससे जेसीबी के मिलने की उम्मीद भी जग गई है।