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Kullu News: निर्दलीय उम्मीदवार ने जेष्ठा वार्ड में बिगाड़े समीकरण
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बहू के चुनाव मैदान में उतरने से पूर्व सांसद की प्रतिष्ठा भी दांव पर
दो बार जिला परिषद सदस्य रह चुके हैं विभा के पति हितेश्वर सिंह
गौरीशंकर
कुल्लू। जिला परिषद का जेष्ठा वार्ड एक बार फिर हॉट सीट बन गया है। इस बार भी यहां निर्दलीय उम्मीदवार ने कांग्रेस और भाजपा के समर्थित प्रत्याशियों के समीकरण बिगाड़ दिए हैं। वर्ष 2010 से अब तक हुए चुनाव पर नजर डालें तो हर बार निर्दलीय उम्मीदवारों ने दोनों राजनीतिक दलों की रणनीति को प्रभावित किया है। खास बात यह रही कि पूर्व सांसद महेश्वर सिंह के बेटे हितेश्वर सिंह ने दो बार निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत दर्ज की और दोनों प्रमुख दलों को कड़ी टक्कर दी।
वर्ष 2020-21 के चुनाव में भी निर्दलीय उम्मीदवार के मैदान में उतरने से मुकाबला कांटे का रहा था। इस दौरान पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष रोहिणी चौधरी चुनावी मैदान में निर्दलीय उतरीं थी। इस चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवार रुकमणी देवी ने जीत हासिल की थी। हालांकि उससे पहले लगातार दो चुनावों में हितेश्वर सिंह ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की थी। इस बार महिला के लिए आरक्षित जेष्ठा वार्ड से हितेश्वर सिंह की पत्नी एवं पूर्व सांसद महेश्वर सिंह की बहू विभा सिंह चुनावी मैदान में हैं। ऐसे में एक बार फिर यहां मुकाबला बेहद रोचक हो गया है। भाजपा ने कमलेश शर्मा और कांग्रेस ने अंजलि शर्मा को नए चेहरे के रूप में मैदान में उतारा है, जबकि विभा सिंह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रही हैं। ऐसे में इस वार्ड में जीत किसके हिस्से आएगी, यह देखना दिलचस्प होगा।
जेष्ठा वार्ड भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद महेश्वर सिंह के लिए भी यह चुनाव दोहरी प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है। एक ओर भाजपा समर्थित उम्मीदवार कमलेश शर्मा की जीत पार्टी की प्रतिष्ठा से जुड़ी है, वहीं दूसरी ओर निर्दलीय चुनाव लड़ रहीं बहू विभा सिंह के कारण परिवार की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। हालांकि, बड़े नेता चुनाव प्रचार से दूरी बनाए हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन जेष्ठा वार्ड में महेश्वर सिंह की अच्छी पकड़ मानी जाती है। ऐसे में उनकी भूमिका पर भी सबकी नजरें टिकी हुई हैं। भाजपा और कांग्रेस के पदाधिकारी अपनी-अपनी पार्टी समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार में जुटे हुए हैं। वहीं पूर्व जिला परिषद सदस्य हितेश्वर सिंह भी अपनी पत्नी विभा सिंह के समर्थन में पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
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दो बार जिला परिषद सदस्य रह चुके हैं विभा के पति हितेश्वर सिंह
गौरीशंकर
कुल्लू। जिला परिषद का जेष्ठा वार्ड एक बार फिर हॉट सीट बन गया है। इस बार भी यहां निर्दलीय उम्मीदवार ने कांग्रेस और भाजपा के समर्थित प्रत्याशियों के समीकरण बिगाड़ दिए हैं। वर्ष 2010 से अब तक हुए चुनाव पर नजर डालें तो हर बार निर्दलीय उम्मीदवारों ने दोनों राजनीतिक दलों की रणनीति को प्रभावित किया है। खास बात यह रही कि पूर्व सांसद महेश्वर सिंह के बेटे हितेश्वर सिंह ने दो बार निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत दर्ज की और दोनों प्रमुख दलों को कड़ी टक्कर दी।
वर्ष 2020-21 के चुनाव में भी निर्दलीय उम्मीदवार के मैदान में उतरने से मुकाबला कांटे का रहा था। इस दौरान पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष रोहिणी चौधरी चुनावी मैदान में निर्दलीय उतरीं थी। इस चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवार रुकमणी देवी ने जीत हासिल की थी। हालांकि उससे पहले लगातार दो चुनावों में हितेश्वर सिंह ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की थी। इस बार महिला के लिए आरक्षित जेष्ठा वार्ड से हितेश्वर सिंह की पत्नी एवं पूर्व सांसद महेश्वर सिंह की बहू विभा सिंह चुनावी मैदान में हैं। ऐसे में एक बार फिर यहां मुकाबला बेहद रोचक हो गया है। भाजपा ने कमलेश शर्मा और कांग्रेस ने अंजलि शर्मा को नए चेहरे के रूप में मैदान में उतारा है, जबकि विभा सिंह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रही हैं। ऐसे में इस वार्ड में जीत किसके हिस्से आएगी, यह देखना दिलचस्प होगा।
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जेष्ठा वार्ड भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद महेश्वर सिंह के लिए भी यह चुनाव दोहरी प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है। एक ओर भाजपा समर्थित उम्मीदवार कमलेश शर्मा की जीत पार्टी की प्रतिष्ठा से जुड़ी है, वहीं दूसरी ओर निर्दलीय चुनाव लड़ रहीं बहू विभा सिंह के कारण परिवार की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। हालांकि, बड़े नेता चुनाव प्रचार से दूरी बनाए हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन जेष्ठा वार्ड में महेश्वर सिंह की अच्छी पकड़ मानी जाती है। ऐसे में उनकी भूमिका पर भी सबकी नजरें टिकी हुई हैं। भाजपा और कांग्रेस के पदाधिकारी अपनी-अपनी पार्टी समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार में जुटे हुए हैं। वहीं पूर्व जिला परिषद सदस्य हितेश्वर सिंह भी अपनी पत्नी विभा सिंह के समर्थन में पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
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