कुल्लू में धर्म महासम्मेलन का आगाज
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देवभूमि कुल्लू के ढालपुर स्थित प्रदर्शनी मैदान में आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से दो दिवसीय धर्म महासम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन के शुभारंभ पर देश के विभिन्न कोनों से आए आनंद मार्ग के हजारों साधक-साधिकाओं ने भाग लिया। सेवा धर्म मिशन के तत्वावधान में तीस घंटे का बाबा नाम केबलम सिद्ध महामंत्र का अखंड कीर्तन किया गया। सामूहिक साधना के उपरांत 12.30 बजे दिन में कौशिकी तथा तांडव नृत्य के बाद आनंद मार्ग के पुरोधा प्रमुख आचार्य विश्वदेवानंद अवधूत ने ब्रह्म साधना और भावात्मक प्रगति विषय पर आध्यात्मिक उद्बोधन किया।
उन्होंने इस दौरान शिव पार्वती संवाद का उदाहरण प्रस्तुत किया कि दीक्षा के बिना ब्रह्म की ओर गति और सिद्धि संभव नहीं है। हे पार्वती, इसलिए उपयुक्त गुरु से दीक्षा लेकर साधना पथ पर चलना आवश्यक है। पुरोधा प्रमुख ने दीक्षा की शास्त्रीय परिभाषा देते हुए कहा कि दीक्षा दान सद्गुरु का दुर्लभ कृपा प्रसाद है। उन्होंने कहा कि दीप ज्ञान यानी मंत्र के यथार्थ भाव को भाव नेत्र द्वारा शक्ति प्रदान करे, वही दीप ज्ञान है। इसके साथ संस्कारों के क्षय की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। लिहाजा, 27 सितंबर को भी पुरोधा प्रमुख अनुयायियों को प्रवचन देंगे।