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देवता खुडीजल ने 11,000 फीट ऊंची मगेनी जोत में अर्जित कीं शक्तियां
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मगेनी जोत पर शक्तियां अर्जित करने पहुंचे देवता खुडीजल। संवाद
- फोटो : Kullu
कुल्लू। दो महीने के दौर पर देवता खुडीजल निरमंड के डमेहली गांव पहुंचे। इसे पहले देवता का पड़ाव ठारवा गांव में था। मंगलवार तड़के देवता सैकड़ों देवलुओं के साथ जोगनी माताओं की वासस्थल मगेनी जोत पहुंचे।
समुद्रतल से करीब 11,000 फीट ऊंचे धार्मिक स्थल तक पहुंचने में देवता को करीब तीन घंटे लगे। यहां पूजा-अर्चना के बाद देवता ने मानव जीवन के कल्याण के लिए शक्तियां अर्जित कीं। ढोल-नगाड़ों, रणसिंघा, करनाल और शहनाई की स्वरलहरियों से पूरा क्षेत्र के गूंज उठा। यहां पर करीब दो घंटा रुकने के बाद देेवता का रथ अरसू के डमेहली गांव के लिए रवाना हुआ।
इसे पहले देवता बागा सराहन, डीम और ठारवा से विदा होने पर लोग भावुक हो उठे। देवता खुडीजल सैकड़ों कारकून, हारियान और देवलुओं के साथ शिमला जिला के धार्मिक स्थल सुकीसिंअ के दौरे पर निकले हैं।
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डमेहली पहुंचने पर महिलाओं ने देवता का भव्य स्वागत कर पूजा-अर्चना की। देवता खुडीजल का दौरा जैसे ही आगे बढ़ रहा है, देवलुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। 45 साल बाद शिमला जिला के सरपारा स्थित धार्मिक स्थल के ऐतिहासिक दौरे को लेकर लोगों में उत्साह है।
शिमला जिला की सीमा शुरू होने पर सरपारा के अधिष्ठाता देवता जल नाग खुद रथ में सवार होकर खुडीजल का स्वागत करेंगे। इसके लिए सरपारा पंचायत का प्रतिनिधिमंडल देवता से मिलने के लिए बागा सराहन भी पहुंचा था। बताया जा रहा कि तीन से चार नवंबर तक देवता सुकीसिंअ पहुंच जाएंगे। यहां दो दिन तक देव परंपराओं का निर्वहन किया जाएगा।
देवता के गूर चमन शर्मा, देवलू तिलक राज, किशन ठाकुर, अमर सिंह और सुनील कुमार ने कहा कि देव खुडीजल की इस ऐतिहासिक दौरे में उन्हें न केवल देव समाज को समझने का मौका मिल रहा है। साथ ही दूसरे इलाकों में जाकर यहां का रहन-सहन और संस्कृति से रूबरू हो रहे हैं।
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समुद्रतल से करीब 11,000 फीट ऊंचे धार्मिक स्थल तक पहुंचने में देवता को करीब तीन घंटे लगे। यहां पूजा-अर्चना के बाद देवता ने मानव जीवन के कल्याण के लिए शक्तियां अर्जित कीं। ढोल-नगाड़ों, रणसिंघा, करनाल और शहनाई की स्वरलहरियों से पूरा क्षेत्र के गूंज उठा। यहां पर करीब दो घंटा रुकने के बाद देेवता का रथ अरसू के डमेहली गांव के लिए रवाना हुआ।
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इसे पहले देवता बागा सराहन, डीम और ठारवा से विदा होने पर लोग भावुक हो उठे। देवता खुडीजल सैकड़ों कारकून, हारियान और देवलुओं के साथ शिमला जिला के धार्मिक स्थल सुकीसिंअ के दौरे पर निकले हैं।
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डमेहली पहुंचने पर महिलाओं ने देवता का भव्य स्वागत कर पूजा-अर्चना की। देवता खुडीजल का दौरा जैसे ही आगे बढ़ रहा है, देवलुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। 45 साल बाद शिमला जिला के सरपारा स्थित धार्मिक स्थल के ऐतिहासिक दौरे को लेकर लोगों में उत्साह है।
शिमला जिला की सीमा शुरू होने पर सरपारा के अधिष्ठाता देवता जल नाग खुद रथ में सवार होकर खुडीजल का स्वागत करेंगे। इसके लिए सरपारा पंचायत का प्रतिनिधिमंडल देवता से मिलने के लिए बागा सराहन भी पहुंचा था। बताया जा रहा कि तीन से चार नवंबर तक देवता सुकीसिंअ पहुंच जाएंगे। यहां दो दिन तक देव परंपराओं का निर्वहन किया जाएगा।
देवता के गूर चमन शर्मा, देवलू तिलक राज, किशन ठाकुर, अमर सिंह और सुनील कुमार ने कहा कि देव खुडीजल की इस ऐतिहासिक दौरे में उन्हें न केवल देव समाज को समझने का मौका मिल रहा है। साथ ही दूसरे इलाकों में जाकर यहां का रहन-सहन और संस्कृति से रूबरू हो रहे हैं।