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Kullu News: भू-वैज्ञानिकों की रिपोर्ट पर तय होगा तुंग-बागीशैड़ी सड़क का निर्माण
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न्यूली (कुल्लू)। सैंज घाटी की देहुरीधार और गाड़ापारली पंचायत के छह से अधिक गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। तुंग से बागीशैड़ी तक प्रस्तावित करीब सात किलोमीटर सड़क के निर्माण की संभावनाएं तलाशने के लिए मंगलवार को शिमला से भू-वैज्ञानिकों की टीम घाटी पहुंची। टीम ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ क्षेत्र का निरीक्षण कर सड़क निर्माण के लिए जमीन की स्थिति का जायजा लिया।
लोक निर्माण विभाग ने तुंग से बागीशैड़ी तक सड़क बनाने की योजना तैयार की है। सड़क निर्माण के लिए क्षेत्र भूस्खलन की दृष्टि से सुरक्षित है या नहीं, इसकी जांच के लिए विभाग ने भू-वैज्ञानिकों की टीम को बुलाया था। निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़क निर्माण के बाद भूस्खलन जैसी समस्या से आवाजाही प्रभावित न हो और सड़क सुरक्षित रहे।
भू-वैज्ञानिकों की टीम अब निरीक्षण के आधार पर अपनी रिपोर्ट लोक निर्माण विभाग को सौंपेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर सड़क निर्माण को लेकर आगामी निर्णय लिया जाएगा। करीब सात किलोमीटर लंबी प्रस्तावित सड़क बनने से देहुरीधार और गाड़ापारली पंचायत के सिहण-1, पातल, गुहिडी, धारापौरिए और बागीशैड़ी समेत छह से अधिक गांवों को लाभ मिलेगा। ग्रामीणों को सड़क सुविधा मिलने से क्षेत्र में आवाजाही आसान होने के साथ ही कृषि और अन्य गतिविधियों को भी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
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लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता मेघ सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण की संभावनाएं तलाशने के लिए शिमला से भू-वैज्ञानिकों की टीम पहुंची थी। टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण कर लिया है और अब अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपेगी। संवाद
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लोक निर्माण विभाग ने तुंग से बागीशैड़ी तक सड़क बनाने की योजना तैयार की है। सड़क निर्माण के लिए क्षेत्र भूस्खलन की दृष्टि से सुरक्षित है या नहीं, इसकी जांच के लिए विभाग ने भू-वैज्ञानिकों की टीम को बुलाया था। निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़क निर्माण के बाद भूस्खलन जैसी समस्या से आवाजाही प्रभावित न हो और सड़क सुरक्षित रहे।
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भू-वैज्ञानिकों की टीम अब निरीक्षण के आधार पर अपनी रिपोर्ट लोक निर्माण विभाग को सौंपेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर सड़क निर्माण को लेकर आगामी निर्णय लिया जाएगा। करीब सात किलोमीटर लंबी प्रस्तावित सड़क बनने से देहुरीधार और गाड़ापारली पंचायत के सिहण-1, पातल, गुहिडी, धारापौरिए और बागीशैड़ी समेत छह से अधिक गांवों को लाभ मिलेगा। ग्रामीणों को सड़क सुविधा मिलने से क्षेत्र में आवाजाही आसान होने के साथ ही कृषि और अन्य गतिविधियों को भी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
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लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता मेघ सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण की संभावनाएं तलाशने के लिए शिमला से भू-वैज्ञानिकों की टीम पहुंची थी। टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण कर लिया है और अब अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपेगी। संवाद