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खंडहर बने स्कूल में चल रहीं कक्षाएं, जान जोखिम में

Fri, 24 Jun 2022 10:15 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jun 2022 10:15 PM IST
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Classes going on in ruined school, life in danger
कुल्लू जिला के खराहल घाटी में स्थित प्राइमरी स्कूल तांदला का भवन।-संवाद - फोटो : Kullu
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुल्लू/खराहल। शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर के गृह विधानसभा क्षेत्र में ही स्कूल भवनों की हालत खस्ता है। स्कूलों में अच्छी शिक्षा और भवन की सुविधा देने के नाम पर सरकार बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। मनाली विधानसभा की राजकीय प्राथमिक पाठशाला तांदला सरकार के सभी दावों की पोल खोल रही है। स्कूल खंडहर बन गया है।
इस स्कूल के नए भवन का निर्माण कार्य राशि स्वीकृत न होने से लटक गया है। पिछले चार वर्ष से स्कूल भवन का काम नहीं हो पा रहा है। जर्जर हो चुके पुराने स्कूल में ही विद्यार्थियों की कक्षाएं चल रही हैं। नए भवन की सुविधा न मिलने से इलाके के आधा दर्जन गांवों के विद्यार्थी परेशान हैं। वर्तमान में पाठशाला में 30 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इस नए भवन में स्कूल प्रबंधन ने राशि खर्च कर चादरें लगाई थीं, लेकिन अंधड़ के कारण चादरें उड़ गई हैं।
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इस समस्या के समाधान के लिए क्षेत्र के ग्रामीण कई बार शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर, उपायुक्त आशुतोष गर्ग और प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सुरजीत राव से मिले हैं, लेकिन भवन के लिए राशि स्वीकृत नहीं हो पाई है। इससे अभिभावकों में भारी रोष है। कक्षाएं लगाने के लिए पुराना भवन है। बताया जा रहा है कि स्कूल का भवन चार साल पहले बर्फबारी की वजह से क्षतिग्रस्त हुआ है। इससे हादसे का खतरा बन रहता है।
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जल्द भवन का कार्य किया जाए शुरू : नारायण
तांदला स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नारायण चंद ने कहा कि नए भवन का निर्माण कार्य चार साल से लटका है। विद्यार्थियों को नए भवन की सुविधा नहीं मिल रही है। सरकार को भवन निर्माण के लिए राशि का प्रावधान करना चाहिए, जिससे विद्यार्थियों को अच्छी सुविधा मिल सके।
चार साल से भवन निर्माण अधूरा : देवराज
एसएमसी सदस्य देवराज ने कहा कि शिक्षा मंत्री के गृह विधानसभा क्षेत्र में स्कूलों की ही हालत खस्ता है तो प्रदेश के अन्य स्कूलों का क्या हाल होगा। स्कूल भवन निर्माण के लिए राशि का अभाव है। कई बार सरकार और विभाग के अधिकारियों को भी अवगत करवाया है, लेकिन समस्या हल नहीं हुई।

पुुराने भवन में पढ़ने को मजबूर बच्चे
एसएमसी सदस्य खेख राम ठाकुर ने कहा कि पुराने भवन में बच्चों की कक्षाएं लग रही हैं। वर्तमान में पाठशाला में 30 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन नए भवन की सुविधा न मिलने से उन्हें बैठने की अच्छी सुविधा नहीं मिल रही है।
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