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नव संवत पर स्वर्ग से लौटेंगे बड़ा देव छमांहू

Fri, 01 Apr 2022 09:51 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 01 Apr 2022 09:51 PM IST
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Bada Dev Chhamanhu will return from heaven on the new year
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुल्लू। सृष्टि के रचियता बड़ा देव छमांहू एक माह के बाद नव संवत यानी शनिवार को देवराज इंद्र की सभा से धरती पर लौटेंगे। इस दिन कोटला में मंदिर के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएंगे। इस दौरान देवता का स्वागत करने के लिए हजारों की संख्या में भीड़ उमड़ेगी।
श्रद्धालु देव समागम के गवाह बनेंगे। सबसे पहले देवता सोने-चांदी के मुख मोहरों में विराजमान होकर कोटला गांव स्थित कोठी से अपने लाव-लश्कर के साथ रवाना होकर 44 हजार रानियां (जोगणियां) से मिलने जाएंगे। मान्यता है कि स्वर्ग लोक से लौटते ही बड़ा छमांहू सबसे पहले जोगणियों से मिलकर चवाली माता के प्रेम प्रसंग में मदहोश हो जाएंगे।
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इसमें हजारों की संख्या में लोग भाग लेंगे। इस देव समागम के समय चवाली माता यानी 44 हजार रानियों देवता बड़ा छमांहू को अपनी बांहों में कैद करती है। रानियों से मिलने का यह दृश्य जहां चमत्कारी, आकर्षक भाव विभोर करने वाला होता है, वहीं यह रानियों देव रथ को अपने कब्जे में ले लेती हैं। जब हजारों लोग देवता और माता के देव मिलन के बाद देव रथ को वापस लाने की कोशिश करते हैं तो देव रथ एक जगह स्थिर हो जाता है। ऐसे में लोग देवता के देव रथ को रस्सी लगाकर खींचते है और कोटला गांव पहुंचाते हैं। बड़ा छमांहू से लंबे समय के बाद मिलने के लिए धामणी छमांहू और खणी छमांहू अपने हारियानों के साथ आएंगे।
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नव संवत के दिन सृष्टि की हुई थी उत्पत्ति
मान्यता है कि नव संवत के दिन सृष्टि उत्पन्न हुई थी और देवता बड़ा छमांहू को ही सृष्टि का रचियता माना जाता है। बड़ा छमांहु का अर्थ है छह समूह देवताओं का एक देव, यानि एक रथ में छह देवी-देवता वास करते हैं। इसमें ब्रह्मा, विष्णु, महेश, शक्ति शेष नाग आदि समाहित है। यही कारण है कि जिस दिन सृष्टि उत्पन्न हुई थी, उसी दिन देव बड़ा छमांहू भी उत्पन्न होते हैं। नव संवत पर हजारों लोग देवता के दर्शन के लिए कोटला गांव पहुंचते हैं। इसके साथ देव बड़ा छमांहू के मेले भी शुरू हो जाते हैं। बड़ा छमांहू के गूर झाबे राम व हुक्कम सिंह, कारदार मोहन सिंह, पालसरा दीपक ने बताया कि नव संवत पर शनिवार को देवता स्वर्ग से धरती पर लौटेंगे। सबसे पहले देवता चवाली माता से मिलने जाएंगे।
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