{"_id":"5a09bdd44f1c1b79548bce51","slug":"81510587860-kullu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कल से बर्फबारी होने पर रोहतांग दर्रा से नहीं हटाई जाएगी बर्फ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कल से बर्फबारी होने पर रोहतांग दर्रा से नहीं हटाई जाएगी बर्फ
Updated Mon, 13 Nov 2017 09:44 PM IST
विज्ञापन
snow fall
- फोटो : AMAR UJALA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मनाली (कुल्लू)। कल से रोहतांग दर्रा आधिकारिक तौर से बंद हो जाएगा। इसी के साथ इस बार सीमा सड़क संगठन मनाली-रोहतांग सड़क से बर्फ हटाने का कार्य नहीं करेगा। हालांकि पूर्व में बीआरओ जान जोखिम में डालते हुए 31 दिसंबर तक गिरने वाली बर्फ को सड़क से हटाता था, लेकिन इस बार यह कार्य न होने से पैदल राहगीरों की समस्याएं बढ़ सकती हैं। कारण यह है कि रोहतांग टनल के दोनों छोर जुड़ने के बाद बीआरओ ने यह फैसला लिया है।
टनल के निर्माण कार्य के लिए सिस्सू में सैकड़ों कर्मचारी कार्य में जुटे रहते हैं। जिनकी आवाजाही के लिए 31 दिसंबर तक बर्फबारी होने की सूरत पर बर्फ हटाई जाती थी, लेकिन अब दोनों छोर से भीतरी आवाजाही होने के बाद बीआरओ ने भी राहत की सांस ली है। भीतरी आवाजाही के चलते नोर्थ व साउथ पोर्टल में आसानी से कर्मचारी आ-जा सकते हैं। पिछले कुछ वर्षों से रोहतांग टनल के कार्य को देखते हुए 31 दिसंबर तक जवान कड़ाके की ठंड तथा भारी बर्फबारी के बावजूद अपनी जान को जोखिम में डालकर रोहतांग दर्रे से बर्फ हटाने का कार्य करते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया जाएगा।
इधर, सीमा सड़क संगठन के कमांडर कर्नल अरविंद अवस्थी ने बताया कि 15 नवंबर से रोहतांग दर्रा आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया जाएगा। रोहतांग टनल के दोनों छोर मिल चुके हैं। यदि रोहतांग दर्रा पर 15 नवंबर से बर्फबारी होती है तो उसे हटाया नहीं जाएगा।
विज्ञापन
31 दिसंबर तक औसतन बर्फबारी होने पर रोहतांग दर्रा में करीब पांच फुट बर्फ गिर जाती है। ऐसे में बर्फ नहीं हटाने की सूरत पर सड़कों पर पांच फुट बर्फ रहेगी। जिससे आवाजाही नहीं हो पाएगी। हालांकि बचाव चौकियों की मदद से पैदल आवाजाही होती है।
विज्ञापन
टनल के निर्माण कार्य के लिए सिस्सू में सैकड़ों कर्मचारी कार्य में जुटे रहते हैं। जिनकी आवाजाही के लिए 31 दिसंबर तक बर्फबारी होने की सूरत पर बर्फ हटाई जाती थी, लेकिन अब दोनों छोर से भीतरी आवाजाही होने के बाद बीआरओ ने भी राहत की सांस ली है। भीतरी आवाजाही के चलते नोर्थ व साउथ पोर्टल में आसानी से कर्मचारी आ-जा सकते हैं। पिछले कुछ वर्षों से रोहतांग टनल के कार्य को देखते हुए 31 दिसंबर तक जवान कड़ाके की ठंड तथा भारी बर्फबारी के बावजूद अपनी जान को जोखिम में डालकर रोहतांग दर्रे से बर्फ हटाने का कार्य करते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
इधर, सीमा सड़क संगठन के कमांडर कर्नल अरविंद अवस्थी ने बताया कि 15 नवंबर से रोहतांग दर्रा आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया जाएगा। रोहतांग टनल के दोनों छोर मिल चुके हैं। यदि रोहतांग दर्रा पर 15 नवंबर से बर्फबारी होती है तो उसे हटाया नहीं जाएगा।
विज्ञापन
31 दिसंबर तक औसतन बर्फबारी होने पर रोहतांग दर्रा में करीब पांच फुट बर्फ गिर जाती है। ऐसे में बर्फ नहीं हटाने की सूरत पर सड़कों पर पांच फुट बर्फ रहेगी। जिससे आवाजाही नहीं हो पाएगी। हालांकि बचाव चौकियों की मदद से पैदल आवाजाही होती है।