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सूखे से रबी फसल की बिजाई लटकी
Updated Fri, 27 Oct 2017 09:38 PM IST
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सूखे से रबी फसल की बिजाई लटकी
अपर्याप्त नमी के कारण नहीं हो पा रही फसलों की बिजाई
जिले में 70 फीसदी खेती बारिश पर ही है निर्भर
अमर उजाला ब्यूरो
खराहल (कुल्लू)। कुल्लू में लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण तमाम फसलों की बिजाई रुकी पड़ी है। खेतों में पर्याप्त नमी नहीं होने के कारण रबी फसल की बिजाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में किसान अपनी फसल के प्रति काफी चिंतित नजर आ रहा है। समय पर बिजाई होने के कारण किसानों को फसल का उत्पादन उम्दा होती है, लेकिन कुल्लू में डेढ़ माह से ज्यादा वक्त से बारिश नहीं हुई है। ऐसे में खेतों में बिल्कुल भी नमी नहीं रही है। जिसके कारण रबी की फसलों की बिजाई रुकी हुई है।
हालांकि नकदी फसल मटर की बिजाई का उचित समय चल रहा है। जिला कुल्लू में मटर की बिजाई 1200 हेक्टेयर, गेहूं और जौ लगभग 14 हजार हेक्टेयर में पैदा हो रहा है। इस संबंध मेें घाटी के किसान रामनाथ ठाकुर, अमित कुमार, अशोक ठाकुर, महेश शर्मा, सुरेश ठाकुर, चुनी लाल, सतीश ठाकुर, यशपाल, कमल कुमार, अमन कुमार, युवराज ठाकुर, योग राज, तोत राम ठाकुर तथा चमन ठाकुर आदि के अनुसार बारिश नहीं होने के चलते खेतों में नमी न के बराबर है। ऐसे में नगदी फसल मटर, प्याज और गेहूं तथा जौ की बिजाई अटकी है। जिसके चलते किसान काफी मायूस हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अभी गेहूं और जौ की बिजाई के लिए समय है। मटर की बिजाई नवंबर माह के दो सप्ताह तक करना का उचित समय हैै। कुछ सिंचित क्षेत्रों में किसानों ने लहसुन और मटर की बिजाई कर दी है। कुल्लू जिला में 70 फीसदी खेती बारिश के ऊपर ही निर्भर है। वहीं इस संबंध में कृषि विभाग के उप निदेशक रतन भारद्वाज के अनुसार बारिश नहीं होने के कारण कृषि के तमाम कार्य रूके पड़े हैं। रबी की फसल की बिजाई के लिए अभी काफी समय है लेकिन नवंबर माह का दूसरे सप्ताह बिजाई के लिए काफी उचित है।
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अपर्याप्त नमी के कारण नहीं हो पा रही फसलों की बिजाई
जिले में 70 फीसदी खेती बारिश पर ही है निर्भर
अमर उजाला ब्यूरो
खराहल (कुल्लू)। कुल्लू में लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण तमाम फसलों की बिजाई रुकी पड़ी है। खेतों में पर्याप्त नमी नहीं होने के कारण रबी फसल की बिजाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में किसान अपनी फसल के प्रति काफी चिंतित नजर आ रहा है। समय पर बिजाई होने के कारण किसानों को फसल का उत्पादन उम्दा होती है, लेकिन कुल्लू में डेढ़ माह से ज्यादा वक्त से बारिश नहीं हुई है। ऐसे में खेतों में बिल्कुल भी नमी नहीं रही है। जिसके कारण रबी की फसलों की बिजाई रुकी हुई है।
हालांकि नकदी फसल मटर की बिजाई का उचित समय चल रहा है। जिला कुल्लू में मटर की बिजाई 1200 हेक्टेयर, गेहूं और जौ लगभग 14 हजार हेक्टेयर में पैदा हो रहा है। इस संबंध मेें घाटी के किसान रामनाथ ठाकुर, अमित कुमार, अशोक ठाकुर, महेश शर्मा, सुरेश ठाकुर, चुनी लाल, सतीश ठाकुर, यशपाल, कमल कुमार, अमन कुमार, युवराज ठाकुर, योग राज, तोत राम ठाकुर तथा चमन ठाकुर आदि के अनुसार बारिश नहीं होने के चलते खेतों में नमी न के बराबर है। ऐसे में नगदी फसल मटर, प्याज और गेहूं तथा जौ की बिजाई अटकी है। जिसके चलते किसान काफी मायूस हैं।
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विशेषज्ञों का कहना है कि अभी गेहूं और जौ की बिजाई के लिए समय है। मटर की बिजाई नवंबर माह के दो सप्ताह तक करना का उचित समय हैै। कुछ सिंचित क्षेत्रों में किसानों ने लहसुन और मटर की बिजाई कर दी है। कुल्लू जिला में 70 फीसदी खेती बारिश के ऊपर ही निर्भर है। वहीं इस संबंध में कृषि विभाग के उप निदेशक रतन भारद्वाज के अनुसार बारिश नहीं होने के कारण कृषि के तमाम कार्य रूके पड़े हैं। रबी की फसल की बिजाई के लिए अभी काफी समय है लेकिन नवंबर माह का दूसरे सप्ताह बिजाई के लिए काफी उचित है।
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