{"_id":"5c73ec85bdec221309521764","slug":"61551101061-kullu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बावड़ी का दूषित पानी पीने से फैला वायरल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बावड़ी का दूषित पानी पीने से फैला वायरल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूली (कुल्लू)। जिला की दुर्गम पंचायत गाड़ापारली के मझाण गांव में फैले वायरल को लेकर नया खुलासा हुआ है। मौके पर गई स्वास्थ्य विभाग टीम की रिपोर्ट के मुताबिक गांव में वायरल फैलने का कारण बावड़ी का दूषित पानी है। इससे गांव में करीब 80 लोग बीमार हो गए थे। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने अब लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी है। इससे वायरल और नहीं फैलेगा। हालांकि लोगों को यहां पर दवाइयां भी दी गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम निहारनी से चार घंटे पैदल चलकर गांव मझाण पहुंची। यहां पर ग्रामीणों का स्वास्थ्य जांचा। बंजार अस्पताल से एक डॉक्टर सहित पांच सदस्यों की टीम ने मौके पर पहुंच कर 70 लोगों का स्वास्थ्य जांचा। इनमें से 40 लोग बुखार से ग्रसित पाए गए। उनको मौके पर ही दवाई दी गई। गांव की पूरी स्थिति व फैले संक्रमण रोग के कारणों का पता लगाने के बाद टीम ने सीएमओ को रिपोर्ट तलब की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील चंद्र ने कहा कि गाड़ापारली पंचायत के मझाण गांव में संक्रमण बावड़ी के दूषित पानी पीने से हुआ है। इससे गांववासी बीमार हुए। लेकिन अब स्थिति काबू में है। उन्होंने कहा कि लोगों को पानी उबालकर ही पीने की सलाह दी है। गौर रहे कि करीब एक सप्ताह पहले से गांव में वायरल की चपेट में दर्जनों लोग बीमार पड़ गए थे। दुर्गम क्षेत्र होने के कारण लोगों को 15 किलोमीटर कुर्सी पर मरीज उठाकर निहारनी पहुंचाना पड़ रहा था।
विज्ञापन
न्यूली (कुल्लू)। जिला की दुर्गम पंचायत गाड़ापारली के मझाण गांव में फैले वायरल को लेकर नया खुलासा हुआ है। मौके पर गई स्वास्थ्य विभाग टीम की रिपोर्ट के मुताबिक गांव में वायरल फैलने का कारण बावड़ी का दूषित पानी है। इससे गांव में करीब 80 लोग बीमार हो गए थे। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने अब लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी है। इससे वायरल और नहीं फैलेगा। हालांकि लोगों को यहां पर दवाइयां भी दी गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम निहारनी से चार घंटे पैदल चलकर गांव मझाण पहुंची। यहां पर ग्रामीणों का स्वास्थ्य जांचा। बंजार अस्पताल से एक डॉक्टर सहित पांच सदस्यों की टीम ने मौके पर पहुंच कर 70 लोगों का स्वास्थ्य जांचा। इनमें से 40 लोग बुखार से ग्रसित पाए गए। उनको मौके पर ही दवाई दी गई। गांव की पूरी स्थिति व फैले संक्रमण रोग के कारणों का पता लगाने के बाद टीम ने सीएमओ को रिपोर्ट तलब की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील चंद्र ने कहा कि गाड़ापारली पंचायत के मझाण गांव में संक्रमण बावड़ी के दूषित पानी पीने से हुआ है। इससे गांववासी बीमार हुए। लेकिन अब स्थिति काबू में है। उन्होंने कहा कि लोगों को पानी उबालकर ही पीने की सलाह दी है। गौर रहे कि करीब एक सप्ताह पहले से गांव में वायरल की चपेट में दर्जनों लोग बीमार पड़ गए थे। दुर्गम क्षेत्र होने के कारण लोगों को 15 किलोमीटर कुर्सी पर मरीज उठाकर निहारनी पहुंचाना पड़ रहा था।
विज्ञापन