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रोहतांग में 90 सेंमी ताजा हिमपात, लाहौल घाटी में पहिए हुए जाम
Updated Sat, 18 Nov 2017 09:56 PM IST
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snowfall
- फोटो : amarujala
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केलांग/कोकसर (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र लाहौल घाटी में शनिवार को दूसरे दिन भी बर्फबारी का दौर जारी रहा। भारी बर्फबारी के कारण अब घाटी के भीतर भी वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। वहीं रोहतांग दर्रा दो रोज पहले ही ट्रैफिक के लिए बंद हो चुका है। लगातार हो रही बर्फबारी के कारण घाटी के कई इलाकों में बिजली और टेलीफोन सेवा बाधित है। रोहतांग दर्रा बंद हो जाने से कई बाहरी मजदूर घाटी में फंस गए हैं।
जानकारी के मुताबिक रोहतांग दर्रा में 90 सेंमी, कोकसर और सिस्सू में 45 सेंटीमीटर, दारचा, योचे और जिस्पा में 60 सेंमी तक बर्फबारी हुई है। बताया जा रहा है कि लाहौल के स्वास्थ्य केंद्रों के लिए आपूर्ति होने वाली दवाइयों की खेप कुल्लू में ही फंसी है। वहीं जिला अस्पताल केलांग पहुंची दवाइयां को भी घाटी के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को सप्लाई नहीं हो पाई है। जिससे बीआरओ पर रोहतांग दर्रा बहाल करने का दबाव बढ़ रहा है। सिस्सू पंचायत प्रधान सुमन ने बताया कि कुल्लू जाने वाले मयाड़ घाटी के कुछ लोग बर्फबारी के कारण उनके गांव में फंसे हैं। उन्होंने बीआरओ से अपील की है कि मौसम खुलने की सूरत में रोहतांग दर्रा को एक बार बहाल किया जाए। पूर्व प्रधान जगदीश चंद ने बताया कि तेलिंग क्षेत्र में बीती रात से बर्फीली हवा चलने लोगों को घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बचाव चौकी कोकसर से मिली जानकारी के अनुसार घाटी के कई भागों में बिजली की आंख मिचौनी भी चल रही है। कोकसर में फंसे आईटीबीपी के जवान समेत 60 लोग मौसम के साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। बचाव चौकी के निरीक्षक विनोद ने बताया कि रोहतांग दर्रा निगम की एक बस, एक जेसीबी, एक एलपी ट्रक तथा एक सूमो, राक्षी ढांक में एलपीजी से लदे तीन ट्रक तथा कोकसर में चार ट्रक, एक आईटीबीपी का ट्रक तथा करीब छह छोटे वाहन भी फंसे हुए हैं। उधर, एसडीएम केलांग कुलबीर सिंह राणा ने बताया कि घाटी में पिछले दो दिनों से लगातार बर्फबारी का दौर जारी है। लिहाजा घाटी के भीतर भी वाहनों की आवाजाही ठप हैै। इस बार प्रशासन ने हेलीकाप्टर सेवा शुरू करने के लिए लाइजन टीमों का गठन तक नहीं किया है। आपातस्थिति में अगर हेलीकाप्टर सेवा शुरू हो जाए तो प्रबंधन का काम कौन देखेगा इस बात को लेकर अभी तक संशय बना हुआ है। लाहौल की ओर से सिस्सू और मनाली की तरफ से मढ़ी से बर्फ हटाने का कार्य शुरू किया जाएगा। स्तींगरी में तैनात 70 आरसीसी के ओसी लेफ्टिनेंट कर्नल विजय कुमार ने कहा कि मौसम साफ रहा तो यह अभियान शुरू होगा। ओसी ने कहा कि सब कुछ ठीक रहा तो एक-दो दिनों के भीतर रोहतांग दर्रे को बहाल कर दिया जाएगा। उन्होंने बर्फ हटाने के अभियान से रोहतांग के आरपार फंसे लोगों को राहत मिलेगी।
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जानकारी के मुताबिक रोहतांग दर्रा में 90 सेंमी, कोकसर और सिस्सू में 45 सेंटीमीटर, दारचा, योचे और जिस्पा में 60 सेंमी तक बर्फबारी हुई है। बताया जा रहा है कि लाहौल के स्वास्थ्य केंद्रों के लिए आपूर्ति होने वाली दवाइयों की खेप कुल्लू में ही फंसी है। वहीं जिला अस्पताल केलांग पहुंची दवाइयां को भी घाटी के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को सप्लाई नहीं हो पाई है। जिससे बीआरओ पर रोहतांग दर्रा बहाल करने का दबाव बढ़ रहा है। सिस्सू पंचायत प्रधान सुमन ने बताया कि कुल्लू जाने वाले मयाड़ घाटी के कुछ लोग बर्फबारी के कारण उनके गांव में फंसे हैं। उन्होंने बीआरओ से अपील की है कि मौसम खुलने की सूरत में रोहतांग दर्रा को एक बार बहाल किया जाए। पूर्व प्रधान जगदीश चंद ने बताया कि तेलिंग क्षेत्र में बीती रात से बर्फीली हवा चलने लोगों को घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बचाव चौकी कोकसर से मिली जानकारी के अनुसार घाटी के कई भागों में बिजली की आंख मिचौनी भी चल रही है। कोकसर में फंसे आईटीबीपी के जवान समेत 60 लोग मौसम के साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। बचाव चौकी के निरीक्षक विनोद ने बताया कि रोहतांग दर्रा निगम की एक बस, एक जेसीबी, एक एलपी ट्रक तथा एक सूमो, राक्षी ढांक में एलपीजी से लदे तीन ट्रक तथा कोकसर में चार ट्रक, एक आईटीबीपी का ट्रक तथा करीब छह छोटे वाहन भी फंसे हुए हैं। उधर, एसडीएम केलांग कुलबीर सिंह राणा ने बताया कि घाटी में पिछले दो दिनों से लगातार बर्फबारी का दौर जारी है। लिहाजा घाटी के भीतर भी वाहनों की आवाजाही ठप हैै। इस बार प्रशासन ने हेलीकाप्टर सेवा शुरू करने के लिए लाइजन टीमों का गठन तक नहीं किया है। आपातस्थिति में अगर हेलीकाप्टर सेवा शुरू हो जाए तो प्रबंधन का काम कौन देखेगा इस बात को लेकर अभी तक संशय बना हुआ है। लाहौल की ओर से सिस्सू और मनाली की तरफ से मढ़ी से बर्फ हटाने का कार्य शुरू किया जाएगा। स्तींगरी में तैनात 70 आरसीसी के ओसी लेफ्टिनेंट कर्नल विजय कुमार ने कहा कि मौसम साफ रहा तो यह अभियान शुरू होगा। ओसी ने कहा कि सब कुछ ठीक रहा तो एक-दो दिनों के भीतर रोहतांग दर्रे को बहाल कर दिया जाएगा। उन्होंने बर्फ हटाने के अभियान से रोहतांग के आरपार फंसे लोगों को राहत मिलेगी।
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