{"_id":"5adf37eb4f1c1b5c098b6379","slug":"21524578283-kullu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जागरूकता के बावजूद कुल्लू में नहीं रूक रहे बाल विवाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जागरूकता के बावजूद कुल्लू में नहीं रूक रहे बाल विवाह
Updated Tue, 24 Apr 2018 07:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जागरूकता के बावजूद बाल विवाह जारी
छह सप्ताह में आए बाल विवाह के तीन मामले
बाल विवाह जागरूकता अभियान पर उठे सवाल
सूचना मिलने पर ही मौके पर पहुंच रहा विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला में जागरूकता अभियान के बावजूद बाल विवाह के मामले अभी भी सामने आ रहे हैं। डेढ़ महीने के अंदर तीन बाल विवाह के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मेें बाल विवाह के मामलों के बाद प्रशासन के चलाए जा रहे बाल विवाह जागरूकता अभियान पर भी सवाल उठने लगे हैं।
बाल विवाह का सबसे पहला मामला गड़सा घाटी के ज्येष्ठा में सामने आया। जहां पर एक नाबालिग लड़की की शादी करवाई जा रही थी। विभाग की टीम मौके पर पहुंची लेकिन इससे पहले की बाल विवाह को रोका जाता। परिजनों ने दोनों लड़की और लड़के को मौके से भगा दिया। हालांकि मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच चल रही है।
इसके बाद एक और मामला बाल विवाह का आया। वहीं तीसरा मामला सैंज में सामने आया। जहां कुल्लू क्षेत्र से संबंध रखने वाले एक नाबालिग की शादी तैयारी चल रही थी लेकिन विभाग की टीम ने समय पर पहुंचकर बाल विवाह को रोका। इसके बाद परिजनों व लड़का-लड़की की काउंसलिंग भी की गई।
विज्ञापन
सामाजिक कार्यकर्ता सुनील राणा, दीवान चंद और दलीप ठाकुर ने कहा कि बाल विवाह का होना आज के दौर में जागरूकता का अभाव है। प्रशासन व विभाग को चाहिए कि बाल विवाह के प्रति लोगों को जागरूक करें। वहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी वीरेंद्र आर्य ने कहा कि विभाग की सतर्कता के कारण बाल विवाह को रोका गया है। अब लोग जागरूक हैं जिससे कारण ऐसी घटना होने पर बता रहे हैं। विभाग द्वारा कई कार्यक्रम, अभियान के माध्यम से बाल विवाह के प्रति जागरूक किया जाता है।
विज्ञापन
छह सप्ताह में आए बाल विवाह के तीन मामले
बाल विवाह जागरूकता अभियान पर उठे सवाल
सूचना मिलने पर ही मौके पर पहुंच रहा विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला में जागरूकता अभियान के बावजूद बाल विवाह के मामले अभी भी सामने आ रहे हैं। डेढ़ महीने के अंदर तीन बाल विवाह के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मेें बाल विवाह के मामलों के बाद प्रशासन के चलाए जा रहे बाल विवाह जागरूकता अभियान पर भी सवाल उठने लगे हैं।
बाल विवाह का सबसे पहला मामला गड़सा घाटी के ज्येष्ठा में सामने आया। जहां पर एक नाबालिग लड़की की शादी करवाई जा रही थी। विभाग की टीम मौके पर पहुंची लेकिन इससे पहले की बाल विवाह को रोका जाता। परिजनों ने दोनों लड़की और लड़के को मौके से भगा दिया। हालांकि मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच चल रही है।
विज्ञापन
इसके बाद एक और मामला बाल विवाह का आया। वहीं तीसरा मामला सैंज में सामने आया। जहां कुल्लू क्षेत्र से संबंध रखने वाले एक नाबालिग की शादी तैयारी चल रही थी लेकिन विभाग की टीम ने समय पर पहुंचकर बाल विवाह को रोका। इसके बाद परिजनों व लड़का-लड़की की काउंसलिंग भी की गई।
विज्ञापन
सामाजिक कार्यकर्ता सुनील राणा, दीवान चंद और दलीप ठाकुर ने कहा कि बाल विवाह का होना आज के दौर में जागरूकता का अभाव है। प्रशासन व विभाग को चाहिए कि बाल विवाह के प्रति लोगों को जागरूक करें। वहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी वीरेंद्र आर्य ने कहा कि विभाग की सतर्कता के कारण बाल विवाह को रोका गया है। अब लोग जागरूक हैं जिससे कारण ऐसी घटना होने पर बता रहे हैं। विभाग द्वारा कई कार्यक्रम, अभियान के माध्यम से बाल विवाह के प्रति जागरूक किया जाता है।