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पायलट की मनमर्जी से भुंतर नहीं पहुंच सके मरीज
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अमर उजाला ब्यूरो
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उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल के लिए हो रही हेलीकॉप्टर की उड़ानों को लेकर घाटी के लोगों में रोष है। हेलीकाप्ॅटर के पायलट की मनमर्जी से लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। लाहौल के लिए शुक्रवार को हेलीकॉप्टर की चार उड़ानें प्रस्तावित थी। लेकिन मौसम साफ होने पर भी दो उड़ानें नहीं हो सकी। यहां तक कुल्लू से लाहौल को गई एक उड़ान में सवार 18 लोगों को लाहौल उतारने के बजाय भुंतर हवाई अड्डे में उतारा गया है। उधर, लाहौल के जिस्पा में चार मरीजों के साथ एक परीक्षार्थी हेलीकॉप्टर के इंतजार में थे। हालांकि हेलीकाप्ॅटर आया पर लैंड न होने पर सिस्सू से वापस भुंतर के लिए लौट गया।
दो उड़ानों के रद्द होने से मरीजों, परीक्षार्थियों व जरूरतमंद लोगों में सरकार के प्रति भारी रोष है। बारिंग व जिस्पा हेलीपैड पर उतरने वाले लोगों ने कहा कि वापस जाने के बजाय उन्हें सिस्सू में उतारा होता तो वह आसानी से घर पहुंच जाते। गुस्साए घाटी के लोगों ने फोन से इसकी शिकायत कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा से भी की। लोगों ने कहा कि उन्हें हेलीकाप्टर लेने के लिए 33 किलोमीटर दूर टैक्सी में भारी भरकम किराया देकर आना पड़ा है। इसके बावजूद उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पाया। सिस्सू से तांदी डाइट के बीच 10 मिनट का सफर था। लेकिन पायलट ने खराब मौसम का हवाला देकर हेलीकॉप्टर वापस भुंतर की तरफ ले गया और यहां हेलीकॉप्टर न पहुंचने सेें करीब 40 लोगों को परेशान होना पड़ा। उधर, जीएडी ने शनिवार को होने वाली उड़ानों का शेड्यूल जारी कर दिया है। इसमें पहली उड़ान भुंतर-किलाड़-भुंतर तथा दूसरी भुंतर-बारिंग-जिस्पा-भुंतर के बीच होगी। उधर, मंत्री मारकंडा ने कहा कि इस बारे में सरकार से बात की जाएगी।
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