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हिमखंड की चपेट में आया गवाड़ी पैदल पुल
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अमर उजाला ब्यूरो
केलांग/कोकसर। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में भारी बर्फबारी का सिलसिला जारी है। इसके चलते हिमखंड गिरने से नुकसान की सूचना भी लगातार आ रही है। जानकारी के अनुसार पट्टन घाटी के चौखंग के गवाड़ी के लिए बनाया गया पैदल पुल हिमखंड की भेंट चढ़ गया है।
करीब पांच लाख से बने इस पैदल पुल का निर्माण वर्ष 2018 में किया गया था। इसे गवाड़ी गांव के लिए बनाया गया है। पैदल पुल का स्टील स्ट्रक्चर हिमखंड की भेंट चढ़ने से लाखों का नुकसान हुआ है। वर्ष 1979 के बाद इस वर्ष घाटी में भारी बर्फबारी हुई है। हालांकि अभी भी लाहौल के विभिन्न क्षेत्रों में हिमखंडों के गिरने का सिलसिला जारी है। इससे पहले चोखंग के 4.5 गांव को जोड़ने वाला 50 फीट लंबा पुल भी हिमखंड की चपेट आने से क्षतिग्रस्त हुआ था। एसडीएम सुभाष गौतम ने इसकी पुष्टि की है। वहीं इस वर्ष कुछ दिन पहले डिमरु नाले में हिमखंड गिरने से कई दिन तक चंद्रभागा नदी का पानी रुकने से लोग दहशत में रहे। अभी हाल ही में तांदी के छुरपक स्तिथ पेट्रोल पंप और निजी कंपनी के मिक्सिंग प्लांट और बीआरओ की मशीन भी बर्फ में दब गई थी और आंशिक नुकसान की सूचना है। वहीं कुछ दिनों पहले चंद्रा घाटी के खंगसर पंचायत के शूलिंग के थंगथंग में भी तीन कच्चे मकान हिमखंड की चपेट में आने से ध्वस्त हो गए हैं। तीन सप्ताह से कोकसर और दारचा पंचायत का संपर्क कटने से वहां की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
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केलांग/कोकसर। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में भारी बर्फबारी का सिलसिला जारी है। इसके चलते हिमखंड गिरने से नुकसान की सूचना भी लगातार आ रही है। जानकारी के अनुसार पट्टन घाटी के चौखंग के गवाड़ी के लिए बनाया गया पैदल पुल हिमखंड की भेंट चढ़ गया है।
करीब पांच लाख से बने इस पैदल पुल का निर्माण वर्ष 2018 में किया गया था। इसे गवाड़ी गांव के लिए बनाया गया है। पैदल पुल का स्टील स्ट्रक्चर हिमखंड की भेंट चढ़ने से लाखों का नुकसान हुआ है। वर्ष 1979 के बाद इस वर्ष घाटी में भारी बर्फबारी हुई है। हालांकि अभी भी लाहौल के विभिन्न क्षेत्रों में हिमखंडों के गिरने का सिलसिला जारी है। इससे पहले चोखंग के 4.5 गांव को जोड़ने वाला 50 फीट लंबा पुल भी हिमखंड की चपेट आने से क्षतिग्रस्त हुआ था। एसडीएम सुभाष गौतम ने इसकी पुष्टि की है। वहीं इस वर्ष कुछ दिन पहले डिमरु नाले में हिमखंड गिरने से कई दिन तक चंद्रभागा नदी का पानी रुकने से लोग दहशत में रहे। अभी हाल ही में तांदी के छुरपक स्तिथ पेट्रोल पंप और निजी कंपनी के मिक्सिंग प्लांट और बीआरओ की मशीन भी बर्फ में दब गई थी और आंशिक नुकसान की सूचना है। वहीं कुछ दिनों पहले चंद्रा घाटी के खंगसर पंचायत के शूलिंग के थंगथंग में भी तीन कच्चे मकान हिमखंड की चपेट में आने से ध्वस्त हो गए हैं। तीन सप्ताह से कोकसर और दारचा पंचायत का संपर्क कटने से वहां की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
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