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दशहरे में देवी-देवताओं को मिलेगी अतिरिक्त जगह
Updated Sat, 13 Oct 2018 07:12 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। देवी-देवताओं के महाकुंभ अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में इस बार देवी-देवताओं को अतिरिक्त जगह मुहैया करवाई जाएगी, जबकि व्यावसायिक स्थान को दशहरे में कम किया जाएगा। देवी-देवताओं के साथ आने वाले देवलुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। दशहरा में इस तरह की व्यवस्था पहली बार की जा रही है।
गौर रहे कि जिला प्रशासन ने दशहरा उत्सव के इस बार 305 देवी-देवताओं को निमंत्रण पत्र भेजे हैं। इन देवताओं के ढालपुर में आने के बाद इनकी जिम्मेदारी दशहरा उत्सव को देखनी होती है। लेकिन पिछले वर्ष देवता अधिक आने से देवताओं को बिठाने में मुश्किल सामने आई थी। दशहरा उत्सव कमेटी ने जूता मार्केट में प्लॉट आवंटित कर दिए थे। लेकिन देवता अधिक आने के बाद आखिर में ऊझी घाटी की माता संध्या गायत्री को व्यापारियों के लिए चिहिन्त जगह में बिठाना पड़ा था। बताया जा रहा है कि इस बार आधा दर्जन के करीब नए देवताओं के आने की संभावना है। इन देवताओं के बिठाने के लिए मैदान में काफी जगह की आवश्यकता पड़ेगी। ऐसे में दशहरा उत्सव कमेटी ने इस बार मेले में व्यावसायिक जगह को कम करने का निर्णय लिया है। देवी-देवताओं को अतिरिक्त टेंट व अन्य के लिए अतिरिक्त जगह मुहैया करवाई जाएगी।
इस तरह रहती है व्यवस्था
दशहरा में आने वाले देवी-देवताओं के लिए आमतौर पर दो से तीन टेंट लगते हैं। देवताओं को प्रदर्शनी मैदान के एक तरफ, रथ मैदान, पुराने स्टैट बैंक वाले पार्क, ढालपुर कलाकेंद्र के पीछे बिठाया जाता है। कुछ देवता एसपी ऑफिस के साथ वाले मैदान में भी रुकते हैं।
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देवताओं को न हो असुविधा : यूनुस
उपायुक्त यूनुस ने कहा कि इस बार दशहरे में कर्मिशयल स्पेस को कम किया जाएगा। देवी-देवताओं को अतिरिक्त जगह मुहैया करवाई जाएगी, जिससे देवी-देवताओं के साथ आने वाले देवलुओं को असुविधा का सामना न करना पड़े।
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कुल्लू। देवी-देवताओं के महाकुंभ अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में इस बार देवी-देवताओं को अतिरिक्त जगह मुहैया करवाई जाएगी, जबकि व्यावसायिक स्थान को दशहरे में कम किया जाएगा। देवी-देवताओं के साथ आने वाले देवलुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। दशहरा में इस तरह की व्यवस्था पहली बार की जा रही है।
गौर रहे कि जिला प्रशासन ने दशहरा उत्सव के इस बार 305 देवी-देवताओं को निमंत्रण पत्र भेजे हैं। इन देवताओं के ढालपुर में आने के बाद इनकी जिम्मेदारी दशहरा उत्सव को देखनी होती है। लेकिन पिछले वर्ष देवता अधिक आने से देवताओं को बिठाने में मुश्किल सामने आई थी। दशहरा उत्सव कमेटी ने जूता मार्केट में प्लॉट आवंटित कर दिए थे। लेकिन देवता अधिक आने के बाद आखिर में ऊझी घाटी की माता संध्या गायत्री को व्यापारियों के लिए चिहिन्त जगह में बिठाना पड़ा था। बताया जा रहा है कि इस बार आधा दर्जन के करीब नए देवताओं के आने की संभावना है। इन देवताओं के बिठाने के लिए मैदान में काफी जगह की आवश्यकता पड़ेगी। ऐसे में दशहरा उत्सव कमेटी ने इस बार मेले में व्यावसायिक जगह को कम करने का निर्णय लिया है। देवी-देवताओं को अतिरिक्त टेंट व अन्य के लिए अतिरिक्त जगह मुहैया करवाई जाएगी।
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इस तरह रहती है व्यवस्था
दशहरा में आने वाले देवी-देवताओं के लिए आमतौर पर दो से तीन टेंट लगते हैं। देवताओं को प्रदर्शनी मैदान के एक तरफ, रथ मैदान, पुराने स्टैट बैंक वाले पार्क, ढालपुर कलाकेंद्र के पीछे बिठाया जाता है। कुछ देवता एसपी ऑफिस के साथ वाले मैदान में भी रुकते हैं।
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देवताओं को न हो असुविधा : यूनुस
उपायुक्त यूनुस ने कहा कि इस बार दशहरे में कर्मिशयल स्पेस को कम किया जाएगा। देवी-देवताओं को अतिरिक्त जगह मुहैया करवाई जाएगी, जिससे देवी-देवताओं के साथ आने वाले देवलुओं को असुविधा का सामना न करना पड़े।