फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   जाते-जाते किसानों, बागवानों को कर दिया करोड़ों का नुकसान

जाते-जाते किसानों, बागवानों को कर दिया करोड़ों का नुकसान

Mon, 31 Dec 2018 07:03 PM IST
pooja awasthi pooja awasthi
Updated Mon, 31 Dec 2018 07:03 PM IST
विज्ञापन
जाते-जाते किसानों, बागवानों को कर दिया करोड़ों का नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

केलांग (लाहौल-स्पीति)। साल 2018 जाते-जाते लाहौली बागवानों और किसानों को जिंदगी भर का घाव दे कर गया। जिला लाहौल-स्पीति में 22 सितंबर को असमय हुई भारी बर्फबारी ने बागवानों और किसानों को करोड़ों का नुकसान किया। इसके अलावा यहां पर हजारों पर्यटक फंस गए थे। उनको बचाने के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया, जो हिमाचल प्रदेश में अभी तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन था।
समुद्रतल से करीब 13 हजार फीट की ऊंचाई पर लगभग डेढ़ सप्ताह तक बर्फ के बीच चला यह रेस्क्यू ऑपरेशन देश में अपनी तरह का पहला ऑपरेशन था। इसमें लगभग पांच हजार से अधिक सैलानियों और मजदूरों को रेस्क्यू किया गया। हालांकि इस दौरान दो लोग जिंदगी की जंग हार गए। रेस्क्यू ऑपरेशन को एयर फोर्स, आपदा प्रबंधन, जिला प्रशासन, बीआरओ और स्थानीय लोगों ने मिल कर पूरा दिया। साथ ही एचआरटीसी डिपो का भी योगदान रहा। लाहौल घाटी में 1955 के बाद इतना हिमपात और नुकसान हुआ। सेब से लदे लाखों पेड़ जमींदोज हो गए। आलू, हरा मटर और फूलगोभी की लहलाती फसल तबाह हो गई। इस प्राकृतिक आपदा में लाहौल-स्पीति में करीब 130 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया। इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन ने राज्य और केंद्र सरकार को भेजी है। पर्यटकों के रेस्क्यू में एचआरटीसी केलांग डिपो की अहम भूमिका रही। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा खुद मोर्चे पर डटे रहे। बताया जा रहा है कि इस दौरान रोहतांग टनल विकल्प नहीं होता तो बर्फ में फंसे कई लोगों की जान जा सकती थी।
विज्ञापन


सेब के दो लाख पेड़-पौधे टूटे
लाहौल-स्पीति के कार्यकारी उपायुक्त अमर नेगी का कहना है कि रिपोर्ट के मुताबिक लाहौल घाटी में करीब दो लाख सेब के पेड़, पौधे टूटे। हजारों टन आलू और अन्य नकदी फसलें बर्फ के नीचे दब गई। बागवान रोहित, दिनेश, दोरजे, सुरेश व अनिल ने कहा कि सितंबर में हुई बर्फबारी ने लाहौली किसानों को भविष्य में सेब उत्पादन को लेकर संशय में डाल दिया है। बताया कि जिन सेब के पौधों को पिछले 15-16 सालों में बड़ा किया, वह एक ही झटके में टूट गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


ब्यास में आई बाढ़ ने कुल्लू में मचाई तबाही
कुल्लू। 22 सितंबर को ब्यास नदी में आई भयंकर बाढ़ ने मनाली से लेकर कुल्लू तक भारी तबाही मचाई। ऐसे में भारतीय वायु सेवा के हेलीकॉप्टर से कुल्लू के डोभी तथा बजौरा से डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया गया था। बाढ़ में जहां वोल्वो बस के साथ ट्रक व अन्य वाहन बह गए, वहीं कुल्लू से मनाली तक नेशनल हाइवे-21 तथा वामतट रोड पूरी तरह से तहस नहस हो गया। इसके जख्म अभी तक देखे जा सकते हैं। बाढ़ की चपेट में करीब आधा दर्जन पुल क्षतिग्रस्त हो गए थे। जिला कुल्लू में इस आपदा से करीब 150 करोड़ का नुकसान आका गया था। मुख्यमंत्री ज राम ठाकुर की ओर से किए निरीक्षण के दौरान कुल्लू के लिए 30 करोड़ का राहत पैकेज जारी किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed