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अधिशाषी अभियंता से मांगी डोहाड़-रोपा कूहल की रिपोर्ट
Updated Sat, 26 May 2018 07:36 PM IST
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डोहाड़-रोपा सिंचाई कूहल की रिपोर्ट तलब
आईपीएच मंत्री ने दिए योजना को पूरी करने के निर्देश
किसानों ने की सरकार और मंत्री से कार्रवाई की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। लागत से तीन गुना से अधिक की राशि खर्च करने पर भी डोहाड़-रोपा सिंचाई कूहल का पानी खेतों तक नहीं पहुंच पाया है। 1992 से बन रही करीब डेढ़ किलोमीटर कूहल का लाभ किसानों को नहीं मिला है। उधर, आईपीएच कुल्लू सर्किल के अधीक्षण अभियंता ने अधिशासी अभियंता आनी से सिंचाई कूहल की रिपोर्ट तलब की है। बताया जा रहा है कि 25 मई को शिमला में हुई बैठक में आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने डोहाड़-रोपा कूहल निर्माण को लेकर अधिकारियों को इसे पूरा करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, आईपीएच के साथ निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों में भी हड़कंप मच गया है। घाटी के लोगों ने प्रदेश सरकार और आईपीएच मंत्री से इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है। धर्म सिंह, ज्ञान सिंह, निक्का राम, सतपाल, ओम प्रकाश, रंजीत राठौर, टेक सिंह, बेली राम, इंद्र सिंह, खीम सिंह, प्रताप सिंह, बालक राम समेत किशोरी लाल ने कहा कि योजना के निर्माण का लाभ किसानों को नहीं मात्र ठेकेदारों को मिल रहा है। जानकारी के मुताबिक आईपीएच विभाग ने इस कूहल के टेंडर रेवड़ियों की तरह बांटे हैं और करीब एक करोड़ के कूहल निर्माण में 70 से अधिक ठेकेदारों ने निर्माण कार्य किया है। इनमें आधे से अधिक लोगों ने मौके पर काम ही नहीं किया और सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है। आईपीएच कुल्लू के अधीक्षण अभियंता विदेश भारद्वाज ने कहा कि अधिशासी अभियंता आनी से इसकी रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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आईपीएच मंत्री ने दिए योजना को पूरी करने के निर्देश
किसानों ने की सरकार और मंत्री से कार्रवाई की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। लागत से तीन गुना से अधिक की राशि खर्च करने पर भी डोहाड़-रोपा सिंचाई कूहल का पानी खेतों तक नहीं पहुंच पाया है। 1992 से बन रही करीब डेढ़ किलोमीटर कूहल का लाभ किसानों को नहीं मिला है। उधर, आईपीएच कुल्लू सर्किल के अधीक्षण अभियंता ने अधिशासी अभियंता आनी से सिंचाई कूहल की रिपोर्ट तलब की है। बताया जा रहा है कि 25 मई को शिमला में हुई बैठक में आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने डोहाड़-रोपा कूहल निर्माण को लेकर अधिकारियों को इसे पूरा करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, आईपीएच के साथ निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों में भी हड़कंप मच गया है। घाटी के लोगों ने प्रदेश सरकार और आईपीएच मंत्री से इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है। धर्म सिंह, ज्ञान सिंह, निक्का राम, सतपाल, ओम प्रकाश, रंजीत राठौर, टेक सिंह, बेली राम, इंद्र सिंह, खीम सिंह, प्रताप सिंह, बालक राम समेत किशोरी लाल ने कहा कि योजना के निर्माण का लाभ किसानों को नहीं मात्र ठेकेदारों को मिल रहा है। जानकारी के मुताबिक आईपीएच विभाग ने इस कूहल के टेंडर रेवड़ियों की तरह बांटे हैं और करीब एक करोड़ के कूहल निर्माण में 70 से अधिक ठेकेदारों ने निर्माण कार्य किया है। इनमें आधे से अधिक लोगों ने मौके पर काम ही नहीं किया और सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है। आईपीएच कुल्लू के अधीक्षण अभियंता विदेश भारद्वाज ने कहा कि अधिशासी अभियंता आनी से इसकी रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।