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टीजीटी बैचवाइज भर्ती की काउंसलिंग में मिली राहत
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अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। शिक्षा विभाग की संवेदनहीनता के कारण टीजीटी बैचवाइज भर्ती काउंसलिंग को लेकर कई बीएड धारकों का कॅरियर दांव पर लग गया था। कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा और मीडिया के प्रयासों के बाद बेरोजगार बीएड डिग्री धारकों को टीजीटी काउंसिलंग को लेकर शिक्षा निदेशालय ने बड़ी राहत दी है।
निदेशालय की ओर से जारी अधिसूचना में शिक्षा उपनिदेशक केलांग, काजा और चंबा को कहा गया है कि जो भी पात्र अभ्यर्थी वर्तमान में अपने जिले से बाहर हैं, उनकी टीजीटी बैचवाइज काउंसलिंग के लिए बाद में अलग से नई तिथि तय की जाए। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि निदेशालय को कुछ ऐसे अभ्यर्थियों की सूची मिली है, जो रोहतांग दर्रा व सड़कें बंद होने के कारण फिलहाल काउंसलिंग को केलांग और चंबा नहीं पहुंच सकते हैं। दरअसल बर्फबारी के बीच टीजीटी की बैचवाइज भर्ती के लिए शिक्षा विभाग ने मार्च माह में काउंसलिंग की तिथि जारी कर दर्जनों अभ्यर्थियों की मुश्किलें बढ़ा दी थी। इस साल रिकॉर्ड बर्फबारी के कारण लाहौल-स्पीति समेत चंबा के दुर्गम इलाकों में सड़कें बंद हैं। ऐसे में हिमखंड गिरने की प्रबल संभावना के बीच पैदल सफर करना जोखिम भरा है। इसके बावजूद शिक्षा उपनिदेशक केलांग ने काउंसलिंग के लिए 28 फरवरी की तिथि जारी की थी। टीजीटी बैचवाइज के कई पात्र अभ्यर्थी घाटी से बाहर प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे हालात में उनका लाहौल पहुंचना संभव नहीं है। इस मामले को प्रमुखता से उठाया गया था। इस पर संज्ञान लेते हुए कृषि मंत्री ने निदेशक एलीमेंट्री के समक्ष मसले को उठाया। निदेशालय ने बुधवार को कार्रवाई कर अभ्यर्थियों को बड़ी राहत प्रदान की है। कृषि मंत्री डॉ मारकंडा ने इस संदर्भ में निदेशक एलीमेंट्री की ओर से केलांग, काजा और चंबा के शिक्षा उप निदेशकों को अधिसूचना जारी होने की पुष्टि की है।
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केलांग (लाहौल-स्पीति)। शिक्षा विभाग की संवेदनहीनता के कारण टीजीटी बैचवाइज भर्ती काउंसलिंग को लेकर कई बीएड धारकों का कॅरियर दांव पर लग गया था। कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा और मीडिया के प्रयासों के बाद बेरोजगार बीएड डिग्री धारकों को टीजीटी काउंसिलंग को लेकर शिक्षा निदेशालय ने बड़ी राहत दी है।
निदेशालय की ओर से जारी अधिसूचना में शिक्षा उपनिदेशक केलांग, काजा और चंबा को कहा गया है कि जो भी पात्र अभ्यर्थी वर्तमान में अपने जिले से बाहर हैं, उनकी टीजीटी बैचवाइज काउंसलिंग के लिए बाद में अलग से नई तिथि तय की जाए। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि निदेशालय को कुछ ऐसे अभ्यर्थियों की सूची मिली है, जो रोहतांग दर्रा व सड़कें बंद होने के कारण फिलहाल काउंसलिंग को केलांग और चंबा नहीं पहुंच सकते हैं। दरअसल बर्फबारी के बीच टीजीटी की बैचवाइज भर्ती के लिए शिक्षा विभाग ने मार्च माह में काउंसलिंग की तिथि जारी कर दर्जनों अभ्यर्थियों की मुश्किलें बढ़ा दी थी। इस साल रिकॉर्ड बर्फबारी के कारण लाहौल-स्पीति समेत चंबा के दुर्गम इलाकों में सड़कें बंद हैं। ऐसे में हिमखंड गिरने की प्रबल संभावना के बीच पैदल सफर करना जोखिम भरा है। इसके बावजूद शिक्षा उपनिदेशक केलांग ने काउंसलिंग के लिए 28 फरवरी की तिथि जारी की थी। टीजीटी बैचवाइज के कई पात्र अभ्यर्थी घाटी से बाहर प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे हालात में उनका लाहौल पहुंचना संभव नहीं है। इस मामले को प्रमुखता से उठाया गया था। इस पर संज्ञान लेते हुए कृषि मंत्री ने निदेशक एलीमेंट्री के समक्ष मसले को उठाया। निदेशालय ने बुधवार को कार्रवाई कर अभ्यर्थियों को बड़ी राहत प्रदान की है। कृषि मंत्री डॉ मारकंडा ने इस संदर्भ में निदेशक एलीमेंट्री की ओर से केलांग, काजा और चंबा के शिक्षा उप निदेशकों को अधिसूचना जारी होने की पुष्टि की है।
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