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स्क्रब टायफस की चपेट में कुल्लू घाटी

Tue, 17 Oct 2017 06:55 PM IST
Updated Tue, 17 Oct 2017 06:55 PM IST
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स्क्रब टायफस की चपेट में कुल्लू घाटी
डेमो - फोटो : डेमो
कुल्लू। जिला कुल्लू में स्क्रब टायफस के मामले थम नहीं रहे हैं। एक माह में जिला कुल्लू में आठ नए केस पॉजिटिव पाए गए हैं। करीब एक दर्जन मरीज संभावित पाए गए हैं। इसमें दो संभावित दो केस 16 अक्तूबर को सामने आए हैं और दोनों मरीजों के टेस्ट लिए गए हैं। स्क्रब टायफस बीमारी के लक्षण अक्तूबर महीने तक ही पाए जाते हैं।
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स्वास्थ्य महकमा अलर्ट है और इस पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इस साल 15 जुलाई से लेकर अभी तक 48 मरीज स्क्रब टायफस कर चपेट में आ गए हैं। इसमें 18 पुरूष और 30 महिलाएं शामिल हैं। वहीं, आठ केस बीते एक माह के सामने आए है। 15 जुलाई से लेकर अभी तक जिला कुल्लू में 48 मामले पॉजिटिव पाए गए हैं। ऐसे संभावित मरीजों को विभाग की ओर से डॉक्सीसाईक्लीन निशुल्क दवा उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके लिए जिला के सभी सिविल अस्पताल और सीएचसी को भी अलर्ट किया गया है।
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उल्लेखनीय है कि जिला कुल्लू में इस साल स्क्रब टायफस से तीन लोगों की की मौत हुई है। इधर, क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ केएस मल्होत्रा ने बताया कि दो संभावित मामलों की टेस्ट रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। स्क्रब टायफस से निपटने के लिए चौकस हैं। बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। स्क्रब टायफस एक जानलेवा बीमारी है। सही समय पर उपचार न होने पर रोगी की जान तक चली जाती है। हालांकि लक्षण दिखते ही उपचार करने पर बीमारी काबू पर आ जाती है। आमतौर पर बरसात के मौसम में तेज बुखार से पीड़ित रोगियों की संख्या बढ़ जाती है। यह रोग एक जीवाणु विशेष (रिकेटशिया) से संक्रमित पिस्सु के काटने से फैलता है जो खेतों, झाड़ियों और घास में रहने वाले चूहों में पनपता है। तेज बुखार आना जो 104 से 105 डिग्री तक हो सकता है, रोगी के जोड़ों में दर्द कंपकंपी के साथ बुखार आना, रोगी के शरीर में ऐंठन, अकड़न या फिर रोगी का शरीर टूटने लगता है, अधिक संक्रमण में रोगी की गर्दन, बाजुओं के नीचे और कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होना। शरीर की सफाई का विशेष ध्यान रखे, घर के चारों ओर उगी घास की समय-समय पर सफाई करें, खरपतवार को उगने न दें, आवास के अंदर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें, खेतों में काम करते समय टांग, पांव और बाजू ढककर रखें, लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
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