{"_id":"5b5f15bf4f1c1b19208b795d","slug":"11532958143-kullu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक दर्जन रूटों पर दौड़ने लगे वाहन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक दर्जन रूटों पर दौड़ने लगे वाहन
Updated Mon, 30 Jul 2018 09:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला कुल्लू में भारी बारिश और भूस्खलन से बंद सड़कों को बहाल करने का कार्य शुरू हो गया है। मौसम खुलने के बाद घाटी का जनजीवन भी पटरी पर लौटने लगा है। लोनिवि ने करीब एक दर्जन सड़कों को यातायात के लिए बहाल कर दिया है।
रूमसू, शरची तथा मलाणा में फंसी तीन बसों को प्रशासन पांच दिन बाद भी नहीं निकाल पाया है। मशीनरी के अभाव से सड़कों को खोलने का काम तेजी से आगे नहीं बढ़ रहा है। कुछ जगहों पर लोनिवि ने बाहर से जेसीबी को हायर कर रखा है। उधर, कुल्लू-मनाली वाम तट मार्ग भी यातायात के लिए अवरुद्ध है। लोग पैदल चलने को मजबूर है। निगम ने रोहाचला, कांडीबाग, करशाला मार्ग को कठेड़ तक, गाहर, माशना के अलावा बंजार-छतरी रोड पर बसों की आवाजाही शुरू कर दी है, जिससे इन इलाकों के हजारों लोगों को राहत मिली है। सड़कों के खुलने से बागवानों को भी अपने उत्पादों को सब्जी मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिल रही है। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह चार दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश से घाटी का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। कुल्लू-मनाली वाम तट सहित जिला में 25 से अधिक प्रभावित हो गए थे। सोमवार तक करीब एक दर्जन मार्गों को लोनिवि ने बहाल कर दिया है। लेकिन कुछ इलाके अभी भी उपमंडल के साथ जिला मुख्यालय से कटे हुए हैं। जिला की रघुपुर घाटी की सात पंचायतों के लोगों को उपमंडल आनी के साथ कुल्लू पहुंचना मुश्किल हो गया था। लोग मीलों तक पैदल चलने को मजबूर थे। डीसी कुल्लू यूनुस ने कहा कि सेब सीजन को देखते हुए लोनिवि को बंद सड़कों को जल्द खोलने को कहा गया है। इसमें कई सड़कें खुल भी गई हैं। उन्होंने कहा कि बारिश से हुए नुकसान पर प्रशासन की नजर है।
विज्ञापन
कुल्लू। जिला कुल्लू में भारी बारिश और भूस्खलन से बंद सड़कों को बहाल करने का कार्य शुरू हो गया है। मौसम खुलने के बाद घाटी का जनजीवन भी पटरी पर लौटने लगा है। लोनिवि ने करीब एक दर्जन सड़कों को यातायात के लिए बहाल कर दिया है।
रूमसू, शरची तथा मलाणा में फंसी तीन बसों को प्रशासन पांच दिन बाद भी नहीं निकाल पाया है। मशीनरी के अभाव से सड़कों को खोलने का काम तेजी से आगे नहीं बढ़ रहा है। कुछ जगहों पर लोनिवि ने बाहर से जेसीबी को हायर कर रखा है। उधर, कुल्लू-मनाली वाम तट मार्ग भी यातायात के लिए अवरुद्ध है। लोग पैदल चलने को मजबूर है। निगम ने रोहाचला, कांडीबाग, करशाला मार्ग को कठेड़ तक, गाहर, माशना के अलावा बंजार-छतरी रोड पर बसों की आवाजाही शुरू कर दी है, जिससे इन इलाकों के हजारों लोगों को राहत मिली है। सड़कों के खुलने से बागवानों को भी अपने उत्पादों को सब्जी मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिल रही है। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह चार दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश से घाटी का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। कुल्लू-मनाली वाम तट सहित जिला में 25 से अधिक प्रभावित हो गए थे। सोमवार तक करीब एक दर्जन मार्गों को लोनिवि ने बहाल कर दिया है। लेकिन कुछ इलाके अभी भी उपमंडल के साथ जिला मुख्यालय से कटे हुए हैं। जिला की रघुपुर घाटी की सात पंचायतों के लोगों को उपमंडल आनी के साथ कुल्लू पहुंचना मुश्किल हो गया था। लोग मीलों तक पैदल चलने को मजबूर थे। डीसी कुल्लू यूनुस ने कहा कि सेब सीजन को देखते हुए लोनिवि को बंद सड़कों को जल्द खोलने को कहा गया है। इसमें कई सड़कें खुल भी गई हैं। उन्होंने कहा कि बारिश से हुए नुकसान पर प्रशासन की नजर है।
विज्ञापन