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कुल्लू-मनाली रोड बहाल, मनाली पहुंची निगम की बसें
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कुल्लू/मनाली। जिला कुल्लू में हुई भारी बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त चल रहा है। हालांकि कुल्लू-मनाली रोड बसों के बहाल हो गया है और शुक्रवार को बसें मनाली पहुंची हैं लेकिन वोल्वो अभी आल ग्राउंड से आगे नहीं जा पा रही है।
अभी घाटी में सौ के करीब सड़कों पर यातायात बंद है और आधा दर्जन के करीब बसें फंसी हुई हैं। ऐसे में मौसम खुलने के बाद भी लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं और लोगों को मीलों तक पैदल चलना पड़ रहा है। निगम की बसें ज्वालापुर में एक, खणीपेंदे और बंजार के कोटला समेत आधा दर्जन मार्गों पर बसों के फंसने की सूचना है। लोनिवि ने कुल्लू-मनाली वामतट से भी बर्फ हटाने का दावा किया लेकिन नालों वाली जगहों पर बर्फ होने से यहां फिसलन का खतरा बना हुआ है। वहीं भारी बर्फबारी से जिला के मणिकर्ण, सैंज, बंजार, आनी की रघुपुर घाटी के साथ ऊझी घाटी के कई इलाकों में ब्लैक आउट चल रहा है। अभी भी करीब 200 से अधिक बिजली के ट्रांसफार्मर जाम हैं। जिसके चलते ग्रामीणों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। पहाड़ों में हुई रिकार्ड बर्फबारी से 50 से ज्यादा पानी की स्कीमें बंद चल रही हैं। स्त्रोतों के जाम होने से ग्रामीण जान जोखिम में डालते हुए बर्फ के बीच नदी नालों से पानी ढोने को मजबूर या फिर बर्फ पिघलाकर गुजारा करना पड़ रहा है। उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने कहा कि जिला के जनजीवन को पटरी पर लाने के संबंधित विभागों ने काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। कई जगहों पर बिजली और सड़कों को रिस्टोर कर दिया है।
मौसम खुलने के बाद लाहौल में हिमखंड गिरने का खतरा
केलांग। लाहौल-स्पीति में भारी बर्फबारी होने के बाद मौसम खुल गया है और घाटी में जगह-जगह हिमखंड गिरने के खतरे से लोगों में डर का माहौल है। कई जगहों पर पहाड़ी से बर्फ गिर रहा है। लेकिन किसी तरह का नुकसान नहीं है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को हिमखंड गिरने की चेतावनी देते हुए सतर्क रहने के आदेश दिए हैं।
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अभी घाटी में सौ के करीब सड़कों पर यातायात बंद है और आधा दर्जन के करीब बसें फंसी हुई हैं। ऐसे में मौसम खुलने के बाद भी लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं और लोगों को मीलों तक पैदल चलना पड़ रहा है। निगम की बसें ज्वालापुर में एक, खणीपेंदे और बंजार के कोटला समेत आधा दर्जन मार्गों पर बसों के फंसने की सूचना है। लोनिवि ने कुल्लू-मनाली वामतट से भी बर्फ हटाने का दावा किया लेकिन नालों वाली जगहों पर बर्फ होने से यहां फिसलन का खतरा बना हुआ है। वहीं भारी बर्फबारी से जिला के मणिकर्ण, सैंज, बंजार, आनी की रघुपुर घाटी के साथ ऊझी घाटी के कई इलाकों में ब्लैक आउट चल रहा है। अभी भी करीब 200 से अधिक बिजली के ट्रांसफार्मर जाम हैं। जिसके चलते ग्रामीणों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। पहाड़ों में हुई रिकार्ड बर्फबारी से 50 से ज्यादा पानी की स्कीमें बंद चल रही हैं। स्त्रोतों के जाम होने से ग्रामीण जान जोखिम में डालते हुए बर्फ के बीच नदी नालों से पानी ढोने को मजबूर या फिर बर्फ पिघलाकर गुजारा करना पड़ रहा है। उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने कहा कि जिला के जनजीवन को पटरी पर लाने के संबंधित विभागों ने काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। कई जगहों पर बिजली और सड़कों को रिस्टोर कर दिया है।
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मौसम खुलने के बाद लाहौल में हिमखंड गिरने का खतरा
केलांग। लाहौल-स्पीति में भारी बर्फबारी होने के बाद मौसम खुल गया है और घाटी में जगह-जगह हिमखंड गिरने के खतरे से लोगों में डर का माहौल है। कई जगहों पर पहाड़ी से बर्फ गिर रहा है। लेकिन किसी तरह का नुकसान नहीं है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को हिमखंड गिरने की चेतावनी देते हुए सतर्क रहने के आदेश दिए हैं।
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