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मनाली के 92 होटलों के दस्तावेज जांचेगी टीम
Updated Wed, 13 Dec 2017 09:18 PM IST
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kasol
- फोटो : amarujala
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कुल्लू। जिला मुख्यालय कुल्लू और मनाली के 1700 होटल, लॉज व होम स्टे की जांच के लिए एनजीटी के आदेशों पर अमल करना शुरू हो गया है। वीरवार से एसडीएम मनाली की अगुवाई वाली टीम ने प्रथम चरण में मनाली के 25 कमरों से अधिक कमरों वाले 92 होटलों के दस्तावेजों को जांचेगी। इसके लिए एसडीएम मनाली ने टीम के सदस्यों को अवगत करवा दिया है।
जांच में होटलों का पर्यटन विभाग में पंजीकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के नक्शों की अनुमति तथा अवैध रूप से वन भूमि पर बने होटल शामिल हैं। एसडीएम मनाली एचआर बेरवा ने कहा कि एनजीटी से होटलों से लिस्ट उन्हें मिल गई है और 14 दिसंबर वीरवार से 25 कमरों से अधिक कमरों के 92 होटलों के दस्तावेजों को जांचा जाएगा। जिन होटलों का पंजीकरण नहीं किया गया होगा उन्हें तुरंत बंद कर किया जाएगा।
उधर, एनजीटी की सख्ती के बाद मनाली के होटल कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। उल्लेखनीय है कि कुल्लू-मनाली के 1700 से अधिक होटलों की जांच के लिए एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने राज्य पर्यटन विभाग, हिमाचल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी, शिमला स्थित हिमालय अध्ययन संस्थान, कुल्लू और मनाली के एसडीएम, आबकारी विभाग के एक प्रतिनिधि की समिति का गठन किया है। वहीं प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कसोल के आसपास के होटलों की निशानदेही भी टॉस्क फोर्स की ओर से की जाएगी।
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जांच में होटलों का पर्यटन विभाग में पंजीकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के नक्शों की अनुमति तथा अवैध रूप से वन भूमि पर बने होटल शामिल हैं। एसडीएम मनाली एचआर बेरवा ने कहा कि एनजीटी से होटलों से लिस्ट उन्हें मिल गई है और 14 दिसंबर वीरवार से 25 कमरों से अधिक कमरों के 92 होटलों के दस्तावेजों को जांचा जाएगा। जिन होटलों का पंजीकरण नहीं किया गया होगा उन्हें तुरंत बंद कर किया जाएगा।
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उधर, एनजीटी की सख्ती के बाद मनाली के होटल कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। उल्लेखनीय है कि कुल्लू-मनाली के 1700 से अधिक होटलों की जांच के लिए एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने राज्य पर्यटन विभाग, हिमाचल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी, शिमला स्थित हिमालय अध्ययन संस्थान, कुल्लू और मनाली के एसडीएम, आबकारी विभाग के एक प्रतिनिधि की समिति का गठन किया है। वहीं प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कसोल के आसपास के होटलों की निशानदेही भी टॉस्क फोर्स की ओर से की जाएगी।
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