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Kangra News: पति की लंबी उम्र के लिए महिलाएं रखेंगी निर्जला व्रत

Fri, 10 Oct 2025 01:55 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Oct 2025 01:55 AM IST
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Women will observe Nirjala fast for the long life of their husbands.
धर्मशाला के कोतवाली बाजार में करवाचौथ के लिए मेहंदी लगवाते हुए महिलाएं। संवाद
धर्मशाला/रे/लंबागांव। पति की लंबी आयु के लिए शुक्रवार यानी दस अक्तूबर को महिलाएं पूरे उत्साह और परंपरागत तरीके से कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर करवाचौथ का निर्जला व्रत रखेंगी। महिलाएं सूर्योदय से पहले उठकर सरगी ग्रहण करेंगी और फिर चंद्रोदय होने तक बिना कुछ खाए-पीये व्रत करेंगी। शाम को पूजा कर और आपस में सात बार थालियां बांटेंगी।
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वीरवार को बाजारों में काफी भीड़ दिखी। महिलाएं मेहंदी लगवाने के लिए देर रात तक अपनी बारी का इंतजार करती रहीं। मान्यता है कि यह व्रत नारी के अखंड सौभाग्य का प्रतीक है और वैवाहिक जीवन में प्रेम, सामंजस्य और शांति बनाए रखने में सहायक होता है। ज्योतिष आचार्य चंद्र शर्मा ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। वर्ष 2025 में यह तिथि वीरवार को रात 10:54 बजे से शुरू होकर 10 अक्तूबर की शाम 7:38 बजे तक रहेगी। इस दौरान चंद्र दर्शन भी रात को 8:47 बजे होगा। व्रत के दौरान पूजा का समय शाम 5:57 से 7:11 बजे तक रहेगा। इस समयावधि में चौथ माता की पूजा करके चंद्रमा को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है।
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करवा चौथ व्रत और पूजा विधि
सुबह सूर्योदय से पहले उठकर सास की ओर से दी गई सरगी खाई जाती है। दिनभर निर्जल व्रत रखते हुए महिलाएं घर के कामों से निवृत्त होकर शाम को पूजा की तैयारी करती हैं। चौथ माता की प्रतिमा अथवा चित्र के सामने बैठकर दीप जलाकर व्रत कथा सुनी जाती है। करवा (मिट्टी का पात्र) में जल भरकर उसे देवी को अर्पित किया जाता है। चंद्रमा निकलने पर छलनी से दीपक के साथ चांद का दर्शन किया जाता है। फिर उसी छलनी से पति का चेहरा देखा जाता है और उसे जल पिलाकर व्रत तोड़ा जाता है।
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क्या कहती हैं महिलाएं
ये सिर्फ परंपरा नहीं, हमारे संस्कार हैं। यह व्रत केवल पति की लंबी उम्र के लिए नहीं, बल्कि परिवार की सुख-शांति के लिए भी होता है। व्रत में एक अलग ही संतोष और शक्ति मिलती है।

-गायत्री ठाकुर, अपर लंबागांव

नौकरी के दौरान करवाचौथ जैसे त्योहारों के लिए समय निकालना जरूरी मानती हूं। यह दिन मुझे मेरी जड़ों से जोड़े रखता है। आजकल रिश्तों में समय की कमी हो गई है। ऐसे में करवाचौथ जैसे पर्व रिश्तों को फिर से मजबूती देने का मौका देते हैं।
-सुगंध अवस्थी, रिट पंचायत लंबागांव
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