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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   twenty two pardan out due to reservation

22 मौजूदा प्रधान चुनावी दौड़ सेे बाहर, महिलाएं संभालेगी मोर्चा

Sat, 14 Nov 2015 11:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कांगड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, कांगड़ा Updated Sat, 14 Nov 2015 11:49 PM IST
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नूरपुर (कांगड़ा)। दिसंबर में होने वाले पंचायत चुनाव में प्रधान की कुर्सी पर दोबारा काबिज होने की हसरत रखने वाले कई पुराने दिग्गजों की उम्मीदों पर आरक्षण रोस्टर ने पानी फेर दिया है। पिछले कई साल से प्रधान पद पर कब्जा जमाने वाले कई मौजूदा पंचायत प्रधानों को अब की बार कुर्सी महिलाओं या फिर आरक्षित वर्ग के लिए छोड़नी पड़ेगी। वजह यह है कि पचास फीसदी महिला आरक्षण के फार्मूले के अलावा अन्य आरक्षित वर्गों के लिए पदों के आरक्षण से कई सियासी दिग्गजों के चुनावी समीकरण गड़बड़ा गए हैं।

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कइयों ने आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद खुले तौर पर दावेदारी भी जतानी शुरू कर दी है। नूरपुर विकास खंड के आरक्षण रोस्टर पर नजर दौड़ाएं तो नूरपुर ब्लाक के तहत पड़ने वाली 43 पंचायतों में से 22 पंचायत प्रधानों के पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें 5 प्रधान पद अनुसूचित जाति महिला, 2 अनुसूचित जनजाति महिला, 3 अन्य पिछड़ा वर्ग महिला और 12 सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं।
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जबकि 5 अनुसूचित जाति, 1 अनुसूचित जनजाति, 3 अन्य पिछड़ा वर्ग तथा शेष 12 पद अनारक्षित रखे गए हैं। पंचायतों की मौजूदा स्थिति पर गौर फरमाएं तो आरक्षण रोस्टर के चलते इस बार 22 पंचायत प्रधान चुनावी दौड़ से बाहर हो गए हैं। इनमें ग्राम पंचायत औंद, आघार, अनोह, कोपड़ा, खज्जन, खन्नी ढिकली, खैरियां, छतरोली, जाच्छ, ठेहड़, थोड़ा, डन्नी, नागनी, नागाबाड़ी, पंजाहड़ा, पुंदर, बदूही, मिजग्रां, सदवां, हटली जंबाला, हड़ल और हाथीधार पंचायतें शामिल हैं। इस बार महिलाओं के लिए आरक्षित पंचायतों की बात करें तो नूरपुर विकास खंड केे तहत पड़ने वाली करीब एक दर्जन पंचायतों की कमान पुरुषों के हाथ मेें है, जबकि शेेष पंचायतों में प्रधान पद विभिन्न जाति वर्गों के लिए आरक्षित होने से तकरीबन 22 मौजूदा प्रधानों की दोबारा कुर्सी हासिल करने की हसरतों पर पानी फिर गया है। ऐसे में आरक्षण के चक्रव्यूह में फंसे कई प्रधान अपनी पत्नियों को चुनावी समर में उतारने की तिकड़म में लग गए हैं, जबकि पिछली बार अनारक्षित पंचायतों के इस मर्तबा विभिन्न जाति वर्गों के लिए आरक्षित होने से चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले कइयों को अगले पांच साल तक सब्र करना पड़ेगा।
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14 बीडीसी भी चुनाव की रेस से बाहर
आरक्षण रोस्टर नेेे बीडीसी पद के कई तलबगारों को भी चुनाव की रेस से बाहर कर दिया है। नूरपुर पंचायत समिति के कुल 25 वार्डों में से 14 मौजूदा बीडीसी सदस्यों की दोबारा चुनाव लड़ने के अरमानों पर पानी फेर दिया है। इनमें भलेटा, ठेहड़, सदवां, लदोड़ी, कोटपलाहड़ी, पुंदर, खैरियां, गेही लगोढ़, कुलाहण, छतरोली, पंजाहड़ा, अनोह, खन्नी झिकली और खन्नी उपरली वार्डों के विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षित होने से मौजूदा बीडीसी सदस्य चुनावी दौड़ से बाहर हो गए हैं।

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