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Kangra News: अंधड़-ओलावृष्टि ने निगली 2708 हेक्टेयर भूमि में फलों की फसल

Thu, 12 Jun 2025 01:10 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Thu, 12 Jun 2025 01:10 AM IST
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Storm and hailstorm destroyed fruit crops in 2708 hectares of land
धर्मशाला। जिले में मई में खराब मौसम के कारण आसमान से बरसी तबाही से करीब 2708 हेक्टेयर भूमि में फलों की फसल बर्बाद हो गई है। इससे कांगड़ा में करीब 3,835 किसानों-बागवानों की छह करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। सबसे अधिक मार फलों के राजा आम पर पड़ी है। आम की फसल को सबसे अधिक नुकसान नूरपुर क्षेत्र में पहुंचा है, क्योंकि इसी क्षेत्र में आम की सबसे अधिक फसल होती है। अकेले आम की बात करें तो जिले में 1850 मीट्रिक टन आम अंधड़ और ओलावृष्टि के कारण झड़ गया था।
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इसके अलावा प्लम, लीची और आड़ू सहित अन्य फलदार पौधों को भी नुकसान झेलना पड़ा था। इस बार आम की बंपर फसल की उम्मीद थी, लेकिन मई में मौसम ने मचाई तबाही के किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। उद्यान विभाग को इस बार आम की 21 हजार मीट्रिक टन पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन अब विभाग ने करीब 18 हजार मीट्रिक टन फसल होने का अनुमान लगाया है। नूरपुर क्षेत्र में कई किसानों ने अपने आम के बगीचे फूल और बोर आने से समय ही बड़े ठेकेदारों को दे दिए थे, लेकिन जब अंधड़-ओलावृष्टि से फसल जड़ी तो किसानों को बगीचों का उतना पैसा नहीं मिल पाया। पिछले साल भी किसानों को इसी तरह के नुकसान का सामना करना पड़ा था। मौसम की मार से किसान काफी चिंतित हैं। जानकारी के अनुसार अप्रैल और मई में फलदार पौधों पर फूल आना शुरू हो जाता है और फल आकार लेना शुरू कर देते हैं। मगर मई में आए अंधड़ और भारी ओलावृष्टि से फूल और छोटे फल काफी मात्रा में झड़ गए थे। कई जगह से फलदार पौधे भी टूट गए थे। हालांकि हर साल बरसात के मौसम में किसानों की ओर से करीब जिले में 80 हजार के करीब विभिन्न फलों के पौधे रोपे जा रहे हैं, लेकिन उन्हें बड़ा होने में समय तो लगता ही है।
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इस बार मई में अंधड़ और ओलावृष्टि से फलदार पौधों पर तैयार हो रही फसल को काफी नुकसान पहुंचा। सबसे अधिक नुकसान नूरपुर क्षेत्र में आम की फसल को पहुंचा है। आम और कागजी नींबू की ओर किसानों का रुझान बड़ रहा है। पिछली बरसात में जिले में किसानों ने 17,746 आम और 25,577 पौधे कागजी नींबू के खरीदे थे।
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- डॉ. कमल शील नेगी, उपनिदेशक, उद्यान विभाग कांगड़ा
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