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एसपी कार्यालय में लगे भवारना पुलिस के खिलाफ नारे
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धर्मशाला। पुलिस अधीक्षक कार्यालय धर्मशाला में शनिवार को भवारना पुलिस के खिलाफ जोरदार नारे लगे। इस दौरान पुलिस कार्रवाई से खफा परिजनों और उनके साथ आए ग्रामीणों ने बेटे की मौत मामले में उचित कार्रवाई न करने का आरोप जड़ा। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि उनके पड़ोसी ने कुत्ते को लेकर उन्हें देख लेने की धमकी दी थी, लेकिन पुलिस उस पर कोई कार्रवाई अमल में नहीं ला रही है।
जानकारी के अनुसार पुलिस थाना भवारना के तहत गुनेहड़ गांव में चार अप्रैल को संदिग्ध परिस्थितियों में एक बच्चे की मौत हुई थी। इस मामले में पुलिस थाना भवारना की टीम की ओर से कोई उचित कार्रवाई न करने से स्वजनों व ग्रामीणों ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय धर्मशाला में धरना-प्रदर्शन किया और एसपी को ज्ञापन सौंपते हुए मामले में भवारना पुलिस को शामिल न करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। संतोष कुमार ने बताया कि वह गुनेहड़ में किराये के मकान में रहते हैं। चार अप्रैल को वह अपनी पत्नी के साथ काम पर चले गए थे। इसी दिन दोपहर को उनके पड़ोसी का फोन आया और उनके पालतू कुत्ते के कारण उसने गाली-गलौज किया। करीब चार बजे फिर फोन आया और कहा कि मुझसे गलती हो गई है। मुझे माफ कर दो। यह सुनकर जब वह घबराकर घर पहुंचे तो बरामदे में उनका 13 वर्षीय बेटा मुनीष मृत पड़ा था।
उन्होंने आरोप लगाया कि पड़ोसी ने उनके बेटे की हत्या करके उसे दुपट्टे से टांग दिया। हैरत की बात है कि भवारना पुलिस ने आज दिन तक पड़ोसी के खिलाफ आरोप लगाने के बावजूद पूछताछ तक नहीं की, बल्कि उन पर ही दबाव बनाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला और निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वह सड़कों पर उतरकर विरोध करेंगे।
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एसआईटी करेगी जांच
परिजनों की मांग पर एएसपी पुनीत रघु के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर मामले की जांच की जाएगी। इस जांच में भवारना पुलिस को शामिल नहीं किया जाएगा। मृतक की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदा लगाने की बात आ रही है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी। - डॉ. खुशहाल शर्मा, पुलिस अधीक्षक कांगड़ा।
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जानकारी के अनुसार पुलिस थाना भवारना के तहत गुनेहड़ गांव में चार अप्रैल को संदिग्ध परिस्थितियों में एक बच्चे की मौत हुई थी। इस मामले में पुलिस थाना भवारना की टीम की ओर से कोई उचित कार्रवाई न करने से स्वजनों व ग्रामीणों ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय धर्मशाला में धरना-प्रदर्शन किया और एसपी को ज्ञापन सौंपते हुए मामले में भवारना पुलिस को शामिल न करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। संतोष कुमार ने बताया कि वह गुनेहड़ में किराये के मकान में रहते हैं। चार अप्रैल को वह अपनी पत्नी के साथ काम पर चले गए थे। इसी दिन दोपहर को उनके पड़ोसी का फोन आया और उनके पालतू कुत्ते के कारण उसने गाली-गलौज किया। करीब चार बजे फिर फोन आया और कहा कि मुझसे गलती हो गई है। मुझे माफ कर दो। यह सुनकर जब वह घबराकर घर पहुंचे तो बरामदे में उनका 13 वर्षीय बेटा मुनीष मृत पड़ा था।
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उन्होंने आरोप लगाया कि पड़ोसी ने उनके बेटे की हत्या करके उसे दुपट्टे से टांग दिया। हैरत की बात है कि भवारना पुलिस ने आज दिन तक पड़ोसी के खिलाफ आरोप लगाने के बावजूद पूछताछ तक नहीं की, बल्कि उन पर ही दबाव बनाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला और निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वह सड़कों पर उतरकर विरोध करेंगे।
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एसआईटी करेगी जांच
परिजनों की मांग पर एएसपी पुनीत रघु के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर मामले की जांच की जाएगी। इस जांच में भवारना पुलिस को शामिल नहीं किया जाएगा। मृतक की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदा लगाने की बात आ रही है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी। - डॉ. खुशहाल शर्मा, पुलिस अधीक्षक कांगड़ा।