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Kangra News: धर्मशाला डिपो पहुंचीं निगम की छह नई ई-बसें
Tue, 14 Jul 2026 01:04 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 14 Jul 2026 01:04 AM IST
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निगम की वर्कशॉप धर्मशाला में खड़ी ई-बसें। -संवाद
धर्मशाला। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के धर्मशाला डिपो को छह नई इलेक्ट्रिक बसें मिल गई हैं। सभी बसें डिपो पहुंच चुकी हैं। अब उनका प्री-डिलीवरी निरीक्षण (पीडीआई) सहित अन्य तकनीकी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। जांच के बाद बसों को विभिन्न रूटों पर चलाया जाएगा। ई-बसों के संचालन के लिए धर्मशाला वर्कशॉप में चार्जिंग पॉइंट पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं।
नई बसें नौ मीटर लंबी हैं। इन्हें हिमाचल के घुमावदार व ऊंचे-नीचे पहाड़ी मार्गों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इनमें 30 से 32 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। बेहतर सस्पेंशन के कारण खराब सड़कों पर भी सफर अधिक आरामदायक रहेगा। लोगों के बस में चढ़ते समय यह एक ओर हल्की झुक जाती है जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों को चढ़ने-उतरने में सुविधा मिलेगी। एक बार पूरी चार्ज होने पर बस लगभग 180 किलोमीटर तक चल सकेगी।
सुरक्षा के लिए बसों में चारों ओर पैनिक बटन, शीशा तोड़ने के लिए आपातकालीन हथौड़ा और पीछे की ओर आपातकालीन निकास द्वार की व्यवस्था की गई है। बसें पूरी तरह स्वचालित हैं और पावर बटन से संचालित होती हैं। इनके संचालन से ईंधन की बचत, रखरखाव खर्च में कमी और प्रदूषण घटने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
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उधर, एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने बताया कि सभी डिपो को बसें उपलब्ध करा दी गई हैं। अगले 15 दिनों में प्री-डिलीवरी निरीक्षण पूरा कर इन्हें निर्धारित रूटों पर चलाया जाएगा जिससे यात्रियों को बेहतर और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा मिलेगी।
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नई बसें नौ मीटर लंबी हैं। इन्हें हिमाचल के घुमावदार व ऊंचे-नीचे पहाड़ी मार्गों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इनमें 30 से 32 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। बेहतर सस्पेंशन के कारण खराब सड़कों पर भी सफर अधिक आरामदायक रहेगा। लोगों के बस में चढ़ते समय यह एक ओर हल्की झुक जाती है जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों को चढ़ने-उतरने में सुविधा मिलेगी। एक बार पूरी चार्ज होने पर बस लगभग 180 किलोमीटर तक चल सकेगी।
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सुरक्षा के लिए बसों में चारों ओर पैनिक बटन, शीशा तोड़ने के लिए आपातकालीन हथौड़ा और पीछे की ओर आपातकालीन निकास द्वार की व्यवस्था की गई है। बसें पूरी तरह स्वचालित हैं और पावर बटन से संचालित होती हैं। इनके संचालन से ईंधन की बचत, रखरखाव खर्च में कमी और प्रदूषण घटने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
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उधर, एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने बताया कि सभी डिपो को बसें उपलब्ध करा दी गई हैं। अगले 15 दिनों में प्री-डिलीवरी निरीक्षण पूरा कर इन्हें निर्धारित रूटों पर चलाया जाएगा जिससे यात्रियों को बेहतर और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा मिलेगी।