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हमारा अंतकरण ही आनंद का अथाह स्रोत : आदेश पुरी
Wed, 19 Jun 2024 05:02 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 19 Jun 2024 05:02 AM IST
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डमटाल (कांगड़ा)। श्री शिव शक्ति आश्रम तपोभूमि पनियाला में चल रहे श्री वरुण देव महायज्ञ में महंत आदेश पुरी ने बताया कि आज का मनुष्य आनंद की प्राप्ति के लिए न जाने कहां-कहां भटक रहा है। जैसे कस्तूरी तो हिरण की नाभि में स्थित है, परंतु हिरण पूरा जीवन इधर-उधर भटकता रहता है। कस्तूरी की सुगंध उसको बेचैन करती रहती है, ठीक इसी तरह मनुष्य भी सांसारिक पदार्थों के भोग को ही आनंद की प्राप्ति समझ बैठता है।
उन्होंने कहा कि हमारा अंतकरण ही आनंद का अथाह स्रोत है, जिसके विचार जितने सात्विक होंगे, वह उतना ही आनंद के समीप है। निष्काम सेवा समिति के प्रधान श्री बाल मुकंद ने बताया कि 20 जून को विशाल भंडारा एवं बच्चों की अच्छी सेहत के लिए कुश्तियां भी करवाई जाएंगी। इस अवसर पर गुलशन कश्चप, श्याम मुरारी, माता कमला राणा और कृष्णा देवी उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि हमारा अंतकरण ही आनंद का अथाह स्रोत है, जिसके विचार जितने सात्विक होंगे, वह उतना ही आनंद के समीप है। निष्काम सेवा समिति के प्रधान श्री बाल मुकंद ने बताया कि 20 जून को विशाल भंडारा एवं बच्चों की अच्छी सेहत के लिए कुश्तियां भी करवाई जाएंगी। इस अवसर पर गुलशन कश्चप, श्याम मुरारी, माता कमला राणा और कृष्णा देवी उपस्थित रहे।
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