तकनीकी कर्मचारियों को दिया जाएगा खतरा और मोबाइल भत्ता
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राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारियों को खतरा और मोबाइल भत्ता देगा। बोर्ड टी-मेट के पद पर कार्यरत कर्मियों को पांच की बजाय तीन साल में नियमित करेगा। संघ के नगरोटा बगवां में हुए 8वें राज्य स्तरीय अधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि आए ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने इसकी घोषणा की है।
मंत्री ने कहा कि मौजूदा समय मे विद्युत परिषद दो हजार करोड़ रुपये के घाटे से गुजर रही है। विद्युत कर्मियों से विद्युत परिषद को इस घाटे से उभारने की अपेक्षा भी की। इससे पूर्व यूनियन अध्यक्ष मोहन ठाकुर ने मानव रहित विद्युत उप केंद्रों में पदों का सृजन करने की मांग उठाई।
इन केंद्रों के संचालन का अनुभव नहीं होने के कारण बोर्ड को वर्तमान में इन उपकेंद्रों में फील्ड से अस्थायी रूप से कर्मचारी नियुक्त करने पड़े हैं। इससे बोर्ड का फील्ड कार्य प्रभावित हुआ है।
कनिष्ठ टी मेट के पद नाम से कनिष्ठ शब्द को हटाने, पदोन्नत कनिष्ठ अभियंता और हेल्परों को 9-16 का टाइम बाउंड प्रमोशनल स्केल देने, जनरेशन विंग में कार्यरत तकनीकी कर्मचारियों को ऑपरेशन विंग की तर्ज पर खतरा भत्ता, जोखिम भत्ता और मोबाइल भत्ता आदि प्रदान करने की भी मांग उठाई।
बोर्ड के अफसरों को ठहराया जिम्मेदार
इसके अलावा लाइनमैन और सब स्टेशन अटेंडेंट की पदोन्नति समय अवधि क्रमश : 7 से 3 और 10 से 5 साल करने का भी आग्रह किया। ऊर्जा मंत्री ने संघ की सभी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया।
इस मौके पर नगरोटा बगवां के विधायक अरुण कुमार कूका, संघ के कार्यकारी अध्यक्ष नेग राम ठाकुर, महासचिव दुनी चंद ठाकुर, अतिरिक्त महासचिव देवेंद्र संधु, राकेश शर्मा और अमर सिंह सांखला सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
भामसं उत्तरी क्षेत्र के प्रभारी रामदास पांडेय ने कर्मचारियों के मांग पत्र को पूरा न होने को बोर्ड की अफसरशाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने रोष व्यक्त किया कि मौजूदा सरकार के समय मे भी उनकी मांगों पर गौर नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर किए जा रहे आग्रह को प्रदेश सरकार हमारी कमजोरी न समझे। यदि जरूरी हुआ तो मांगो को मनवाने के लिए आंदोलन का रास्ता भी अख्तियार कर सकते हैं।
नगरोटा बगवां में सोमवार को राज्य विद्युत परिषद तकनीकी कर्मचारी संघ के 8वें त्रैवार्षिक अधिवेशन में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर नहीं पहुंच पाए। खराब मौसम के कारण बिलासपुर से मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर कांगड़ा के लिए उड़ान नहीं भर पाया। इसलिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के स्थान पर ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा मुख्य अतिथि रहे।