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Kangra News: भटराला में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के विरुद्ध खोला मोर्चा
Fri, 10 Apr 2026 11:59 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Fri, 10 Apr 2026 11:59 PM IST
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परागपुर (कांगड़ा)। परागपुर की मुहीं पंचायत के भटराला गांव में प्रस्तावित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर जन आक्रोश भड़क उठा है। जल शक्ति विभाग की ओर से नक्की खड्ड के किनारे इस परियोजना को धरातल पर उतारने की तैयारी की जा रही है। ग्रामीणों ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
ग्रामीणों नीलम शर्मा, सुमनलता, संयोगिता, सुषमा देवी, अंशिका, रजनी, सोनिका, अंजनी, अनिता, आंचल, केशव, मोनू और राजेश सहित अन्य लोगों ने बताया कि जिस स्थान को प्लांट के लिए चुना गया है उसके बिल्कुल समीप एक प्राचीन प्राकृतिक बावड़ी है, जो पूरे क्षेत्र की प्यास बुझाती है। ग्रामीणों को डर है कि इस प्लांट की मौजूदगी से जलस्रोत दूषित हो जाएगा और भविष्य में महामारी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
हालांकि विभाग इस जमीन को सरकारी बता रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट के साथ उनकी मलकीयत भूमि सटी हुई है। इस प्रोजेक्ट से नुकसान पहुंचना तय है। ग्रामीणों ने विधायक बिक्रम ठाकुर को व्यथा सुनाई है। उपायुक्त को हस्तक्षेप करने के लिए पत्र भी भेजा है।
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सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए यह स्थल पहले से ही निर्धारित किया गया था। ग्रामीणों के विरोध और उनकी आशंकाओं के बाद विभाग के कनिष्ठ अभियंता और सहायक अभियंता ने मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का विस्तृत निरीक्षण किया है। अभियंता ने आश्वासन दिया है कि लोगों की आपत्तियों को पूरी गंभीरता से लिया गया है। विभाग ग्रामीणों की सभी समस्याओं का उचित समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है।
-प्यारे लाल, अधिशाषी अभियंता, जल शक्ति विभाग, मंडल परागपुर
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ग्रामीणों नीलम शर्मा, सुमनलता, संयोगिता, सुषमा देवी, अंशिका, रजनी, सोनिका, अंजनी, अनिता, आंचल, केशव, मोनू और राजेश सहित अन्य लोगों ने बताया कि जिस स्थान को प्लांट के लिए चुना गया है उसके बिल्कुल समीप एक प्राचीन प्राकृतिक बावड़ी है, जो पूरे क्षेत्र की प्यास बुझाती है। ग्रामीणों को डर है कि इस प्लांट की मौजूदगी से जलस्रोत दूषित हो जाएगा और भविष्य में महामारी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
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हालांकि विभाग इस जमीन को सरकारी बता रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट के साथ उनकी मलकीयत भूमि सटी हुई है। इस प्रोजेक्ट से नुकसान पहुंचना तय है। ग्रामीणों ने विधायक बिक्रम ठाकुर को व्यथा सुनाई है। उपायुक्त को हस्तक्षेप करने के लिए पत्र भी भेजा है।
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सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए यह स्थल पहले से ही निर्धारित किया गया था। ग्रामीणों के विरोध और उनकी आशंकाओं के बाद विभाग के कनिष्ठ अभियंता और सहायक अभियंता ने मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का विस्तृत निरीक्षण किया है। अभियंता ने आश्वासन दिया है कि लोगों की आपत्तियों को पूरी गंभीरता से लिया गया है। विभाग ग्रामीणों की सभी समस्याओं का उचित समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है।
-प्यारे लाल, अधिशाषी अभियंता, जल शक्ति विभाग, मंडल परागपुर