{"_id":"616d8d5f02d8971e20600bce","slug":"four-times-increase-in-bajreshwari-temple-offerings-kangra-news-sml387600292","type":"story","status":"publish","title_hn":"ोविड काल में बज्रेश्वरी मां के दरबार चढ़ा रिकॉर्ड चढ़ावा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ोविड काल में बज्रेश्वरी मां के दरबार चढ़ा रिकॉर्ड चढ़ावा
विज्ञापन
बज्रेश्वरी देवी मंदिर कांगड़ा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांगड़ा। कोविड काल में इस बार उमड़े आस्था के सैलाब ने मां बज्रेश्वरी न्यास की आर्थिकी के साथ-साथ व्यापारियों के व्यापार को भी ऑक्सीजन दी है। हालांकि शारदीय नवरात्र मेले इस बार आठ दिनों में संपन्न होने के बावजूद माता के दरबार में बाहरी राज्यों से करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने देवी दर्शन कर दिल खोलकर चढ़ावा चढ़ाया।
नवरात्रों में उमड़ी भीड़ से जहां मंदिर बाजार के दुकानदारों के व्यापार में छाई मंदी छंट गई, तो कोविड काल में मायूस पुजारी वर्ग के चेहरे पर भी चमक लौट आई। नवरात्र में आलम यह था कि आठ दिनों तक यात्रियों की चहलकदमी से सड़कें पैक रहीं। कांगड़ा बाईपास में बसों, ट्रकों की कतारें लगी रहीं। पिछले साल नवरात्र मेलों की तुलना में इस साल चढ़ावे में करीब चार गुणा बढ़ोतरी आंकी गई। जाहिर है कि कोविड काल में यात्रियों के न आने से मंदी के दौर से गुजरते हुए ऐसे कई विकास कार्य रुके हुए थे, जिन्हें अब रफ्तार मिलेगी।
युवा पुजारी संघ के अध्यक्ष अनुपम शर्मा ने बताया कि मंदिर में इस बार रिकॉर्ड श्रद्धालुओं ने देवी दर्शन किए। हवन कुंड में प्रज्वलित अग्नि में साक्षात देवी दर्शन किए। मंदिर अधिकारी दिलजीत शर्मा ने बताया कि मंदिर में इस बार करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। नवरात्रों में मंदिर में खूब रौनक रही।
विज्ञापन
पिछले साल 12 लाख, इस साल 50 लाख से ज्यादा नकदी चढ़ाई
इस बार नवरात्र मेलों में भक्तों ने 50,95,257 रुपये की नकदी चढ़ाई। इसके अलावा 62 ग्राम पांच सौ मिली ग्राम सोना और 342 ग्राम चांदी का चढ़ावा चढ़ाया। नवमी के दिन एक दिन का चढ़ावा 10,31,880 रुपये रहा, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड चढ़ावा है। वहीं, कोविड के दौरान वर्ष 2020 में नौ नवरात्रों में कुल 12,31,880 रुपये का चढ़ावा चढ़ा। कोविड से पहले वर्ष 2019 में श्रद्धालुओं ने 48,03,971 रुपये का चढ़ावा चढ़ाया।
विज्ञापन
नवरात्रों में उमड़ी भीड़ से जहां मंदिर बाजार के दुकानदारों के व्यापार में छाई मंदी छंट गई, तो कोविड काल में मायूस पुजारी वर्ग के चेहरे पर भी चमक लौट आई। नवरात्र में आलम यह था कि आठ दिनों तक यात्रियों की चहलकदमी से सड़कें पैक रहीं। कांगड़ा बाईपास में बसों, ट्रकों की कतारें लगी रहीं। पिछले साल नवरात्र मेलों की तुलना में इस साल चढ़ावे में करीब चार गुणा बढ़ोतरी आंकी गई। जाहिर है कि कोविड काल में यात्रियों के न आने से मंदी के दौर से गुजरते हुए ऐसे कई विकास कार्य रुके हुए थे, जिन्हें अब रफ्तार मिलेगी।
विज्ञापन
युवा पुजारी संघ के अध्यक्ष अनुपम शर्मा ने बताया कि मंदिर में इस बार रिकॉर्ड श्रद्धालुओं ने देवी दर्शन किए। हवन कुंड में प्रज्वलित अग्नि में साक्षात देवी दर्शन किए। मंदिर अधिकारी दिलजीत शर्मा ने बताया कि मंदिर में इस बार करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। नवरात्रों में मंदिर में खूब रौनक रही।
विज्ञापन
पिछले साल 12 लाख, इस साल 50 लाख से ज्यादा नकदी चढ़ाई
इस बार नवरात्र मेलों में भक्तों ने 50,95,257 रुपये की नकदी चढ़ाई। इसके अलावा 62 ग्राम पांच सौ मिली ग्राम सोना और 342 ग्राम चांदी का चढ़ावा चढ़ाया। नवमी के दिन एक दिन का चढ़ावा 10,31,880 रुपये रहा, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड चढ़ावा है। वहीं, कोविड के दौरान वर्ष 2020 में नौ नवरात्रों में कुल 12,31,880 रुपये का चढ़ावा चढ़ा। कोविड से पहले वर्ष 2019 में श्रद्धालुओं ने 48,03,971 रुपये का चढ़ावा चढ़ाया।