{"_id":"6a942161d65297ca490a05b8","slug":"notification-to-close-60-year-old-sub-post-office-sparks-outrage-kangra-news-c-95-1-kng1037-252974-2026-08-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: 60 वर्ष पुराने उप डाकघर को बंद करने की अधिसूचना, भड़का रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: 60 वर्ष पुराने उप डाकघर को बंद करने की अधिसूचना, भड़का रोष
Mon, 31 Aug 2026 05:55 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 31 Aug 2026 05:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांगड़ा। ऐतिहासिक नगर पुराना कांगड़ा में वर्ष 1966 से चल रहे उप डाकघर को बंद करने की केंद्र सरकार की अधिसूचना से स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया है। दो वर्ष पहले भी केंद्र ने इसे बंद करने की अधिसूचना जारी की थी, लेकिन जनता के विरोध के चलते फैसला वापस लेना पड़ा था। अब दोबारा जारी आदेश से लोगों में नाराजगी है।
पुराना कांगड़ा उप डाकघर से आयुष विभाग का बीएमओ कार्यालय, कांगड़ा किला कार्यालय, दो संग्रहालय, जैन मंदिर कार्यालय, केसीसी बैंक, विद्युत बोर्ड उपमंडल कार्यालय और इंडेन गैस एजेंसी जुड़े हैं। इसके अलावा चार स्कूल, आधा दर्जन सामाजिक संस्थाएं और करीब 800 पेंशन धारक नियमित वित्तीय लेनदेन के लिए इसी डाकघर पर निर्भर हैं।
स्थानीय निवासी राकेश मेहरा, राखी शर्मा, रमेश असित और आशुतोष परवान ने कहा कि वर्षों पुराने उप डाकघर को बंद नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने मांग की कि इसे शाखा कार्यालय में अपग्रेड किया जाए। समेला, नंदरुल, राजल, वोहड़क्वालू, स्कोट और कछियारी डाकघरों को जोड़कर 17 शाखाओं वाले कांगड़ा मुख्य डाकघर का वर्क लोड कम किया जा सकता है।
विज्ञापन
राकेश मेहरा ने इसे नॉन-डिलीवरी डाकघर में अपग्रेड करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि निशुल्क भवन और अन्य सुविधाएं मिलने के बावजूद इसे बंद करना समझ से परे है। लोग शीघ्र विधायक पवन काजल और सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज को ज्ञापन सौंपेंगे। नगर परिषद अध्यक्ष सुमन वर्मा ने कहा कि जब टांडा मेडिकल कॉलेज के लिए शाखा डाकघर खुल सकता है तो पांच दशक पुराने कार्यालय को बंद नहीं करना चाहिए।
विज्ञापन
पुराना कांगड़ा उप डाकघर से आयुष विभाग का बीएमओ कार्यालय, कांगड़ा किला कार्यालय, दो संग्रहालय, जैन मंदिर कार्यालय, केसीसी बैंक, विद्युत बोर्ड उपमंडल कार्यालय और इंडेन गैस एजेंसी जुड़े हैं। इसके अलावा चार स्कूल, आधा दर्जन सामाजिक संस्थाएं और करीब 800 पेंशन धारक नियमित वित्तीय लेनदेन के लिए इसी डाकघर पर निर्भर हैं।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी राकेश मेहरा, राखी शर्मा, रमेश असित और आशुतोष परवान ने कहा कि वर्षों पुराने उप डाकघर को बंद नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने मांग की कि इसे शाखा कार्यालय में अपग्रेड किया जाए। समेला, नंदरुल, राजल, वोहड़क्वालू, स्कोट और कछियारी डाकघरों को जोड़कर 17 शाखाओं वाले कांगड़ा मुख्य डाकघर का वर्क लोड कम किया जा सकता है।
विज्ञापन
राकेश मेहरा ने इसे नॉन-डिलीवरी डाकघर में अपग्रेड करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि निशुल्क भवन और अन्य सुविधाएं मिलने के बावजूद इसे बंद करना समझ से परे है। लोग शीघ्र विधायक पवन काजल और सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज को ज्ञापन सौंपेंगे। नगर परिषद अध्यक्ष सुमन वर्मा ने कहा कि जब टांडा मेडिकल कॉलेज के लिए शाखा डाकघर खुल सकता है तो पांच दशक पुराने कार्यालय को बंद नहीं करना चाहिए।