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मजदूर के सिर पर गिरा लोहे का एंगल, मौत
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लंज (कांगड़ा)। राजकीय महाविद्यालय लंज के नए भवन निर्माण में वीरवार को एक दुर्घटना में मजदूर की मौत हो गई। मृतक मजदूर गैस राम (52) झारखंड का रहने वाला था।
वीरवार को भवन निर्माण कार्य में लगे गैस राम के सिर पर लोहे का एंगल गिर गया। करीब साढ़े 11 बजे हुए हादसे में घायल मजदूर को तुरंत सीएचसी लंज ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे टांडा रेफर कर दिया गया। लंज से मजदूर को 108 एंबुलेंस के माध्यम से टांडा पहुंचाया। यहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। झारखंड निवासी गैस राम यहां अकेला रहता था, जबकि परिवार के अन्य लोग झारखंड में ही रहते हैं। वीरवार को दुर्घटना के बाद परिवार के सदस्यों को सूचित कर दिया गया है। उधर, एसपी संतोष पटियाल ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
समय पर मिलता उपचार, तो बच जाती जान
लंज के स्थानीय निवासी उत्तम चंद, समाज सेवी सिंटू भारद्वाज, छोटू राम, सुनील कुमार, रमन कुमार, जय शंकर युवा क्लब के प्रधान विक्रम पटियाल और प्रीतम सिंह का कहना है कि लंज अस्पताल की खस्ताहाल के कारण मजदूर की जान गई है। इसके लिए प्रदेश सरकार जिम्मेवार है। क्योंकि, पूर्व सरकार के कार्यकाल में 2014 में लंज पीएचसी को सीएचसी करने की घोषणा की गई थी। इसकी अधिसूचना भी जारी की गई है। अस्पताल के बाहर भी सीएचसी को बोर्ड लगा दिया गया, लेकिन सीएचसी स्तर की यहां पर सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। वीरवार को भी हादसे में घायल मजदूर को एक घंटे बाद 108 की सुविधा नहीं मिल सकी, जबकि हर सीएचसी में 108 की सुविधा होती है।
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वीरवार को भवन निर्माण कार्य में लगे गैस राम के सिर पर लोहे का एंगल गिर गया। करीब साढ़े 11 बजे हुए हादसे में घायल मजदूर को तुरंत सीएचसी लंज ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे टांडा रेफर कर दिया गया। लंज से मजदूर को 108 एंबुलेंस के माध्यम से टांडा पहुंचाया। यहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। झारखंड निवासी गैस राम यहां अकेला रहता था, जबकि परिवार के अन्य लोग झारखंड में ही रहते हैं। वीरवार को दुर्घटना के बाद परिवार के सदस्यों को सूचित कर दिया गया है। उधर, एसपी संतोष पटियाल ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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समय पर मिलता उपचार, तो बच जाती जान
लंज के स्थानीय निवासी उत्तम चंद, समाज सेवी सिंटू भारद्वाज, छोटू राम, सुनील कुमार, रमन कुमार, जय शंकर युवा क्लब के प्रधान विक्रम पटियाल और प्रीतम सिंह का कहना है कि लंज अस्पताल की खस्ताहाल के कारण मजदूर की जान गई है। इसके लिए प्रदेश सरकार जिम्मेवार है। क्योंकि, पूर्व सरकार के कार्यकाल में 2014 में लंज पीएचसी को सीएचसी करने की घोषणा की गई थी। इसकी अधिसूचना भी जारी की गई है। अस्पताल के बाहर भी सीएचसी को बोर्ड लगा दिया गया, लेकिन सीएचसी स्तर की यहां पर सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। वीरवार को भी हादसे में घायल मजदूर को एक घंटे बाद 108 की सुविधा नहीं मिल सकी, जबकि हर सीएचसी में 108 की सुविधा होती है।
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